बिग ब्रेकिंग: आज भी भारी बारिश का येलो अलर्ट, कई सड़कें बंद। यमुनोत्री यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी

आज भी भारी बारिश का येलो अलर्ट, कई सड़कें बंद। यमुनोत्री यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा आने और नदियों-नालों के उफान पर होने से हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई हिस्सों में तेज बारिश और वज्रपात की आशंका है। राजधानी देहरादून में आंशिक बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के एक-दो दौर पड़ने की संभावना जताई गई है।

प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं और लोगों से खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

उधर, लगातार मूसलाधार बारिश से मसूरी-कैंपटी मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। एनएच-707A के वैकल्पिक मार्ग पर भी भारी मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात प्रभावित हुआ।

रातभर जेसीबी मशीनों से सड़क खोलने का प्रयास किया गया, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण राहत कार्य बाधित होता रहा। सबसे अधिक नुकसान जीवन आश्रम से मसूरी बैंड के बीच देखा गया।

स्थिति को देखते हुए टिहरी पुलिस ने यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं से फिलहाल मसूरी-कैंपटी मार्ग का उपयोग न करने और विकासनगर मार्ग से यात्रा करने की सलाह दी है। प्रशासन ने कहा है कि मौसम अनुकूल होने पर मार्ग को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा।

वहीं रविवार देर रात देहरादून-मसूरी मुख्य मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा गिरने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई थी। लोक निर्माण विभाग की टीम ने जेसीबी की मदद से करीब एक घंटे के राहत कार्य के बाद मार्ग को दोबारा यातायात के लिए खोल दिया।

प्रशासन ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, उफनते नदी-नालों और संवेदनशील स्थानों से दूर रहने तथा मौसम विभाग और पुलिस की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। लगातार बारिश को देखते हुए आपदा प्रबंधन की टीमें भी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दी गई हैं।