देहरादून में ईडी की बड़ी कार्रवाई, फेमा उल्लंघन के आरोप में कई फॉरेक्स संस्थानों पर रेड
देहरादून। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हवाला लेनदेन और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के संभावित उल्लंघन के मामले में देहरादून और ऋषिकेश स्थित कई विदेशी मुद्रा विनिमय (फॉरेक्स) संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई की है।
ईडी की देहरादून शाखा ने बुधवार को कई लाइसेंसधारी फुल-फ्लेज्ड मनी चेंजर्स (FFMCs), उनकी फ्रेंचाइजी और उनसे जुड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर करीब 88.56 लाख रुपये मूल्य की विदेशी और भारतीय मुद्रा, महत्वपूर्ण दस्तावेज तथा डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
ईडी के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुछ लाइसेंसधारी फॉरेक्स संस्थान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मास्टर डायरेक्शन और FEMA के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए बिना अनिवार्य KYC, आवश्यक दस्तावेजों और बिलिंग प्रक्रिया के विदेशी मुद्रा का लेन-देन कर रहे थे।
जांच में इन संस्थानों के कथित तौर पर अनधिकृत विदेशी मुद्रा कारोबार और हवाला नेटवर्क से जुड़े होने के भी संकेत मिले हैं।
इन संस्थानों पर हुई कार्रवाई
ईडी ने गंगा फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड, जेपीजेएन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, अल्पाइन फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड, जय जीन फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड तथा इनके सहयोगी संस्थानों जेपीजेएन जेम्स यूनिट और विंटेज इंडिया के कार्यालयों और प्रमुख संचालकों के आवासों पर तलाशी अभियान चलाया।
88 लाख से अधिक की बरामदगी
छापेमारी के दौरान विभिन्न देशों की विदेशी मुद्रा (USD, EURO, AUD, THB सहित) बरामद हुई, जिसकी 7 जुलाई 2026 की विनिमय दर के अनुसार अनुमानित कीमत 54.58 लाख रुपये है।
इसके अलावा 33.98 लाख रुपये की बेहिसाबी भारतीय नकदी, मोबाइल फोन, महत्वपूर्ण दस्तावेज और विदेशी मुद्रा लेन-देन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए गए।
रिकॉर्ड और स्टॉक में मिली गड़बड़ी
ईडी की जांच में कुछ परिसरों में उपलब्ध विदेशी मुद्रा के वास्तविक स्टॉक और रिकॉर्ड में दर्ज विवरण में अंतर पाया गया।
कई फ्रेंचाइजी परिसरों में खरीद रजिस्टर, ग्राहकवार रिकॉर्ड, KYC दस्तावेज, एनकैशमेंट प्रमाणपत्र और अन्य अनिवार्य अभिलेख भी नहीं मिले। जबकि RBI के नियमों के अनुसार फ्रेंचाइजी केवल अपने फ्रेंचाइजर की ओर से विदेशी मुद्रा खरीद सकती है और उसका पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होता है।
अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क की जांच तेज
ईडी का कहना है कि अब तक की जांच में घरेलू सहयोगियों और विदेशी संपर्कों के जरिए संचालित अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क के संकेत मिले हैं। जब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
एजेंसी पूरे वित्तीय नेटवर्क, इसमें शामिल व्यक्तियों, संस्थाओं और लेन-देन के लाभार्थियों की पहचान कर FEMA और अन्य संबंधित कानूनों के तहत संभावित उल्लंघनों की विस्तृत जांच कर रही है।

