कलियर में बच्चों को तालिबानी सजा, मसूरी होमस्टे मौत मामले में पति पर हत्या का मुकदमा
देहरादून। उत्तराखंड में रविवार को सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं ने कानून-व्यवस्था, मानवाधिकार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरिद्वार जिले के पिरान कलियर क्षेत्र में कोल्ड ड्रिंक चोरी के आरोप में चार मासूम बच्चों को रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है।
वहीं मसूरी के एक होमस्टे में आंध्र प्रदेश की सॉफ्टवेयर इंजीनियर राधा गायत्री की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने उनके पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
हरिद्वार जिले के पिरान कलियर थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में चार नाबालिग बच्चों पर कोल्ड ड्रिंक चोरी का आरोप लगाते हुए उन्हें कथित तौर पर रस्सियों से बांधकर डंडों से पीटा गया। इतना ही नहीं, पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया गया।
वायरल वीडियो में बच्चे डरे-सहमे नजर आ रहे हैं और कुछ लोग उनके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल के निर्देश पर पिरान कलियर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेघराज और महावीर नामक दो आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं और किशोर न्याय अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने कहा कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
उधर, देहरादून जिले के मसूरी में धनौल्टी रोड स्थित एक होमस्टे में आंध्र प्रदेश की 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर पी. राधा गायत्री की संदिग्ध मौत का मामला अब हत्या के मुकदमे तक पहुंच गया है। मृतका के पिता पारुपुडी सुधाकर ने अपनी बेटी की मौत को हत्या बताते हुए दामाद सौम्या श्रीचरण पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मूल रूप से विशाखापट्टनम की रहने वाली राधा गायत्री गुरुग्राम में कार्यरत थीं। उनकी शादी करीब आठ महीने पहले सौम्या श्रीचरण से हुई थी, जो पुणे में नौकरी करता है। बताया जा रहा है कि दंपति पहली बार उत्तराखंड घूमने आए थे और मसूरी के एक होमस्टे में ठहरे थे, जहां राधा गायत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
पति ने पुलिस को बताया था कि दोनों ने देर रात तक शराब पी थी। सुबह उठने पर राधा गायत्री कमरे में फर्श पर पड़ी मिलीं। मौके से पुलिस को शराब की दो खाली बोतलें मिलीं, जबकि चादर और मृतका की नाक के पास खून के निशान भी पाए गए।
मृतका के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी शराब का सेवन नहीं करती थी और शादी के बाद से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने आशंका जताई है कि घटना पूर्व नियोजित हो सकती है और उनकी बेटी को किसी पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया गया होगा।
पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर पति सौम्या श्रीचरण के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मसूरी के क्षेत्राधिकारी जगदीश पंत ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
फिलहाल दोनों मामलों ने प्रदेश में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। एक ओर बच्चों के साथ हुई क्रूरता ने समाज को झकझोर दिया है, तो दूसरी ओर मसूरी होमस्टे मौत मामले ने पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा और जांच प्रक्रिया को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब दोनों मामलों में पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।


