नाबालिग गर्भवती, खाई में गिरी SUV, चलती बस में लगी आग। पढ़ें तीन बड़ी खबरें….
देहरादून। उत्तराखंड में रविवार को अपराध, सड़क हादसों और अग्निकांड की कई बड़ी घटनाएं सामने आईं। चंपावत में नाबालिग किशोरी के गर्भवती होने के मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जबकि रुद्रप्रयाग में केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक एसयूवी वाहन गहरी खाई में गिर गया। वहीं हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर यात्रियों से भरी चलती बस में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
चंपावत में नाबालिग गर्भवती, आरोपी गिरफ्तार
चंपावत जिले में एक नाबालिग किशोरी के गर्भवती होने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद दर्ज मुकदमे में पॉक्सो अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का निवासी है और वर्तमान में चंपावत में रह रहा था। किशोरी और आरोपी एक ही प्रतिष्ठान में कार्यरत थे।
चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा किशोरी की उम्र 18 वर्ष से कम पाए जाने के बाद मामला पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
केदारनाथ हाईवे पर SUV खाई में गिरी, पांच घायल
रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तिलवाड़ा पेट्रोल पंप के पास एक एसयूवी वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में दो महिलाओं सहित पांच लोग घायल हो गए।
सूचना मिलते ही SDRF, पुलिस और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। वाहन उत्तर प्रदेश नंबर का बताया गया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर चलती बस बनी आग का गोला
हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर सर्वानंद घाट के पास शनिवार शाम यात्रियों से भरी एक निजी बस में अचानक आग लग गई। बस में चालक समेत करीब 42 लोग सवार थे। चालक की सूझबूझ और यात्रियों की तत्परता से सभी लोग समय रहते बस से बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
हालांकि कई यात्रियों का सामान आग की भेंट चढ़ गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
तीनों घटनाओं ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन संबंधित मामलों की जांच में जुटे हुए हैं।


