क्राइम अपडेट: उत्तराखंड की 5 बड़ी खबरें! 13 बच्चे लापता, पुलिस लाइन में आग और नशे के खिलाफ जंग

उत्तराखंड की 5 बड़ी खबरें! 13 बच्चे लापता, पुलिस लाइन में आग और नशे के खिलाफ जंग

देहरादून। उत्तराखंड में शनिवार को कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आईं। एक ओर देहरादून में 10 दिनों के भीतर 13 बच्चों के लापता होने के मामलों ने अभिभावकों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

वहीं जिला प्रशासन ने नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जीआईएस (GIS) मैपिंग की नई रणनीति शुरू करने का फैसला लिया है। उधर रुद्रपुर पुलिस लाइन में खड़ी सीज और लावारिस बाइकों में आग लगने से हड़कंप मच गया, जबकि काशीपुर में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए।

भीमताल में करंट लगने से एक कर्मचारी की मौत और लैंसडौन दुष्कर्म मामले में आरोपी की गिरफ्तारी भी दिनभर चर्चा में रही।

देहरादून में 10 दिन में 13 बच्चे लापता, बढ़ी चिंता

राजधानी देहरादून में पिछले 10 दिनों के दौरान 13 नाबालिग बच्चों की गुमशुदगी दर्ज होने से पुलिस और समाज दोनों चिंतित हैं। अधिकांश मामलों में 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे शामिल हैं, जिनमें नाबालिग लड़कियों की संख्या अधिक बताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव, परिवारों में संवाद की कमी और कम होती सहनशीलता बच्चों को आवेश में घर छोड़ने जैसे कदम उठाने के लिए प्रेरित कर रही है।

दून मेडिकल कॉलेज की मनोचिकित्सक डॉ. जया नवानी ने कहा कि बच्चों को उम्र से पहले डिजिटल दुनिया का अत्यधिक एक्सपोजर मिल रहा है, जिससे उनके निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो रही है। वहीं एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पिछले एक वर्ष में गुमशुदा हुए 93 प्रतिशत बच्चों को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है।

नशे के खिलाफ बड़ा अभियान, होगी GIS मैपिंग

देहरादून जिला प्रशासन ने नशा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने संवेदनशील क्षेत्रों और ड्रग्स नेटवर्क की पहचान के लिए जीआईएस आधारित मैपिंग शुरू करने की घोषणा की है।

इस योजना के तहत नशा तस्करी के हॉटस्पॉट, ड्रग पैडलर्स की गतिविधियां, स्कूल-कॉलेजों के आसपास के संवेदनशील क्षेत्र और शिकायतों वाले इलाकों को डिजिटल मानचित्र पर चिन्हित किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे नशा तस्करी के नेटवर्क पर अधिक प्रभावी कार्रवाई संभव होगी।

रुद्रपुर पुलिस लाइन में लगी आग, 40 बाइक जलकर खाक

उधम सिंह नगर मुख्यालय रुद्रपुर स्थित पुलिस लाइन में शनिवार दोपहर अचानक सीज और लावारिस वाहनों के ढेर में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 35 से 40 बाइक इसकी चपेट में आकर जल गईं।

पुलिस कर्मियों और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट जवानों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। बाद में दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारणों की जांच जारी है।

काशीपुर में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो का कहर

काशीपुर के राधे हरि महाविद्यालय के सामने एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार ने स्कूटी सवार छात्र-छात्राओं को टक्कर मार दी। हादसे में कई छात्र घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलेज क्षेत्र में बने स्पीड ब्रेकर घिस चुके हैं, जिसके कारण वाहन चालक गति कम नहीं करते और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

भीमताल में करंट लगने से कर्मचारी की मौत

भीमताल स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में छत की सफाई के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक कर्मचारी की मौत हो गई।

मृतक की पहचान ओखलकांडा निवासी तेज सिंह बोरा के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि कर्मचारी को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए बिना कार्य पर लगाया गया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा मानकों के पालन की भी पड़ताल की जा रही है।

लैंसडौन दुष्कर्म मामले में आरोपी गिरफ्तार

पौड़ी जिले के लैंसडौन क्षेत्र में युवती से दुष्कर्म और परिवार को धमकी देने के मामले में पुलिस ने आरोपी राकेश मोहन को हरिद्वार जिले के सुलतानपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है।

पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और आरोपी की संलिप्तता की पुष्टि होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

कानून-व्यवस्था, सामाजिक चुनौतियां और सुरक्षा व्यवस्था बनी चर्चा का विषय

राज्य में सामने आई इन घटनाओं ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा, नशा तस्करी, सड़क सुरक्षा, कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को केंद्र में ला दिया है। प्रशासन और पुलिस जहां विभिन्न मोर्चों पर कार्रवाई का दावा कर रहे हैं, वहीं समाज और अभिभावकों की भूमिका भी पहले से अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है।