देहरादून में जलभराव, टूटे पेड़। मसूरी में ओलावृष्टि, 6 जून तक मौसम का अलर्ट
देहरादून। उत्तराखंड में मॉनसून की आधिकारिक दस्तक से पहले ही बारिश ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार शाम राजधानी देहरादून समेत कई जिलों में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया।
मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान पूरी तरह सटीक साबित हुआ और कुछ ही देर की तेज बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। देहरादून में कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई।
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सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि तेज आंधी और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। पेड़ों की चपेट में आने से कुछ वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, लगातार बारिश के चलते रिस्पना नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिसके बाद प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार प्रदेश में आगामी 6 जून तक मौसम का यही मिजाज बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और नैनीताल समेत अधिकांश जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
6 जून तक येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में:
- तेज बारिश की संभावना
- गर्जन के साथ बिजली चमकने की आशंका
- 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के संकेत
- पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मार्ग बाधित होने का खतरा
प्रशासन ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान
अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है। विशेष रूप से चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मसूरी में बारिश और ओलावृष्टि
देहरादून के साथ-साथ मसूरी में भी मंगलवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट बदली। तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि लगातार हो रही ओलावृष्टि से सब्जियों और अन्य मौसमी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी मौसम का यही रुख रहा तो फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र अलर्ट पर
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को पहले ही सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए गए थे। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को तैयार रहने को कहा गया है।
फिलहाल मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेशवासियों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

