जनगणना ड्यूटी के दौरान शिक्षिका पर रॉटवीलर का हमला, कर्मचारियों में आक्रोश
देहरादून। राजधानी देहरादून में जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में जुटे सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
वसंत विहार क्षेत्र के इंद्रा नगर में घर-घर सर्वे के दौरान एक शिक्षिका पर पालतू रॉटवीलर के हमले के बाद शिक्षक संगठनों में भारी आक्रोश है। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि यदि सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई तो जनगणना कार्य का बहिष्कार करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय पंडितवाड़ी में तैनात शिक्षिका आशा भंडारी रविवार को जनगणना सर्वे के तहत एक मकान में जानकारी जुटाने पहुंची थीं। आरोप है कि घर में मौजूद रॉटवीलर को खुला छोड़ा गया था।
जैसे ही शिक्षिका परिसर में दाखिल हुईं, कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया और बाजू पर बुरी तरह काट लिया। मौके पर मौजूद लोगों और अन्य जनगणना कर्मियों ने किसी तरह उन्हें कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। घायल शिक्षिका का उपचार कराया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, शिक्षक संगठन नाराज़
घटना के बाद राजकीय प्राथमिक शिक्षक संगठन ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र रावत ने जिलाधिकारी से घायल शिक्षिका के समुचित उपचार, मामले की जांच और संबंधित भवन स्वामी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
संगठन का कहना है कि जनगणना ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों को बिना सुरक्षा जोखिम भरे इलाकों में भेजा जा रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
शिक्षक संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो जनगणना कार्य के बहिष्कार का निर्णय लिया जा सकता है।
जनगणना कर्मियों से अभद्रता भी बनी बड़ी समस्या
जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को केवल कुत्तों के हमलों का ही नहीं, बल्कि अभद्र व्यवहार का भी सामना करना पड़ रहा है।
एक महिला कर्मचारी ने शिकायत में बताया कि भवन संख्या अंकित करने के दौरान एक महिला ने उनके साथ बदसलूकी की। बाद में जब कर्मचारी दोबारा मौके पर पहुंचीं तो पहले लिखी गई भवन संख्या मिटाई जा चुकी थी।
विरोध करने पर संबंधित महिला ने सवाल किया कि, “किससे पूछकर संख्या लिखी गई?” विवाद बढ़ने पर कर्मचारी ने संबंधित भवन को ऑनलाइन पोर्टल पर ‘लॉक्ड हाउस’ के रूप में दर्ज कर दिया।
कर्मचारियों का कहना है कि ऐसे व्यवहार से सरकारी कार्य प्रभावित हो रहा है और फील्ड स्टाफ मानसिक दबाव में काम करने को मजबूर है।
दून में बढ़ता डॉग अटैक का खतरा
देहरादून में पिटबुल और रॉटवीलर जैसी आक्रामक नस्लों के हमले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन नियंत्रण व्यवस्था अब भी प्रभावी नहीं दिख रही। बीते महीनों में कई गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
जुलाई 2025 में जाखन-राजपुर रोड क्षेत्र में मंदिर जा रही 75 वर्षीय कौशल्या देवी पर दो पालतू रॉटवीलर ने हमला कर दिया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
सितंबर 2025 में प्रेमनगर क्षेत्र में खुले घूम रहे रॉटवीलर ने एक महिला पर हमला कर सिर और हाथों पर गंभीर चोट पहुंचाई थी।
इसके अलावा डालनवाला, वसंत विहार, पटेलनगर, क्लेमेंटटाउन और रेसकोर्स जैसे इलाकों से भी पालतू और आवारा कुत्तों के हमलों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार डॉग बाइट के मामलों में देहरादून राज्य के सबसे प्रभावित जिलों में शामिल है।
दून अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। लगातार बढ़ते मामलों के बीच नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

