गजब: उत्तरकाशी में शिक्षा घोटाले की आंच। 2 प्रधानाध्यापक निलंबित, गबन का केस दर्ज होने की तैयारी

उत्तरकाशी में शिक्षा घोटाले की आंच। 2 प्रधानाध्यापक निलंबित, गबन का केस दर्ज होने की तैयारी

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड में समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है।

अनियमितताएं उजागर होते ही शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो प्रभारी प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि मामले में गबन का मुकदमा दर्ज करने की भी तैयारी की जा रही है।

मुख्य शिक्षाधिकारी अमित कोटियाल के नेतृत्व में 22 और 23 अप्रैल को सांकरी और दौणी क्षेत्र में आयोजित जनसुनवाई शिविरों के दौरान विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण में राजकीय प्राथमिक विद्यालय दौणी के प्रभारी प्रधानाध्यापक बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए, वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय सट्टा के प्रभारी प्रधानाध्यापक हरीश चंद्र जनसुनवाई में भी मौजूद नहीं थे।

जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत मिली धनराशि के बावजूद विद्यालयों में कोई ठोस कार्य धरातल पर नजर नहीं आया।

कई स्थानों पर पुराने निर्माण कार्यों को नया दिखाया गया, जबकि रसोईघर निर्माण जैसे कार्यों का कोई प्रमाण नहीं मिला। प्रथम दृष्टया इसे सरकारी धन के गबन का मामला मानते हुए दोनों प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया गया।

कार्रवाई का दायरा यहीं तक सीमित नहीं रहा। राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठडियार के शिक्षामित्र संजय कुमार से बिना पर्याप्त कारण अवकाश पर रहने को लेकर जवाब तलब किया गया है।

वहीं, राजकीय इंटर कॉलेज दौणी में व्यायाम शिक्षक जय सिंह कठैत भी निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए। ग्रामीणों ने उन पर नशे की हालत में देखे जाने का आरोप लगाया, जिसके आधार पर उनके निलंबन की संस्तुति की गई और मंडलीय स्तर पर कार्रवाई भी कर दी गई।

मुख्य शिक्षाधिकारी अमित कोटियाल ने स्पष्ट किया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत विद्यालयों को रंगाई-पुताई, रसोईघर निर्माण और चारदीवारी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए धनराशि दी जाती है। लेकिन संबंधित विद्यालयों में इन कार्यों का अभाव साफ तौर पर लापरवाही और वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।