हेल्थ: विश्व किडनी दिवस पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की जागरूकता रैली, स्वस्थ किडनी का दिया संदेश

विश्व किडनी दिवस पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की जागरूकता रैली, स्वस्थ किडनी का दिया संदेश

देहरादून। विश्व किडनी दिवस के अवसर पर श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के किडनी रोग विभाग की ओर से गुरुवार को जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस दौरान जागरूकता रैली और संगोष्ठी के माध्यम से लोगों को किडनी को स्वस्थ रखने के लिए जागरूक किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज परिसर से जागरूकता रैली के साथ हुई। रैली को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा,

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार मलिक और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज से शुरू होकर पथरी बाग स्थित एसजीआरआर पीजी कॉलेज तक गई और वहीं से वापस संस्थान परिसर में समाप्त हुई।

रैली में करीब 200 डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और स्टाफ ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने हाथों में पोस्टर और स्लोगन लेकर लोगों को किडनी रोगों से बचाव के लिए जागरूक किया।

इस दौरान संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, स्वच्छ जल का सेवन, ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित रखने तथा धूम्रपान से दूर रहने का संदेश दिया गया।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के गुर्दा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखकर किडनी रोगों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।

उन्होंने दर्द निवारक दवाओं के अनावश्यक सेवन से बचने और प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की भी सलाह दी।

इसके बाद अस्पताल के ऑडिटोरियम में संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें किडनी स्वास्थ्य और रोगों की रोकथाम पर चर्चा की गई। इस दौरान आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. विवेक रुहेला, डॉ. गौरव शेखर शर्मा, डॉ. विवेक विज्जन, डॉ. विमल कुमार दीक्षित, डॉ. तनुज भाटिया और डॉ. नारायण जीत सिंह ने किडनी से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान पर जानकारी दी।

साथ ही पैनल चर्चा में मृत गुर्दा दाता कार्यक्रम को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में किडनी रोगियों, उनके परिजनों और गुर्दा दाताओं ने भी भाग लिया। इस अवसर पर अस्पताल की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया और किडनी विभाग के स्टाफ ने जागरूकता के लिए लघु नाटिका भी प्रस्तुत की।