गैरसैंण सत्र में घमासान,राशन-आयुष्मान कार्ड पर बहस, विधानसभा को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने पर बवाल
गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के भराड़ीसैंण में चल रहे बजट सत्र 2026 के तीसरे दिन सदन में कई मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गर्म रहा।
प्रश्नकाल के दौरान राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड के संबंध को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, वहीं विधानसभा भवन को वेडिंग या कॉरपोरेट डेस्टिनेशन बनाने संबंधी बयान पर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा।
प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने खाद्य मंत्री रेखा आर्या से सवाल करते हुए कहा कि प्रदेश में कई जगह राशन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं, जिससे आयुष्मान कार्ड बनाने में भी दिक्कत आ रही है।
इस पर मंत्री रेखा आर्या ने स्पष्ट किया कि राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड का आपस में कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवार के बंटवारे जैसी स्थितियों में तकनीकी दिक्कतें सामने आती हैं। काजी निजामुद्दीन ने इसे पूरे प्रदेश की नीतिगत समस्या बताते हुए सरकार से समाधान की मांग की।
सत्र के दौरान रेखा आर्या के विभागों से जुड़े कई सवाल भी पूछे गए। कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने चमोली जिले के दशोली स्थित सेमलडाला मैदान के विस्तार का मुद्दा उठाया, जिस पर मंत्री ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
भाजपा विधायक सुरेश गड़िया ने नेशनल गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नौकरी देने का मुद्दा उठाया। वहीं मातृ वंदना योजना में लक्ष्य से कम पंजीकरण पर भी सवाल पूछे गए, जिस पर मंत्री ने सर्वे मानकों और व्यवहारिक दिक्कतों को कारण बताया।
इस बीच खेल सुविधाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी हस्तक्षेप किया और कहा कि बजट में हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम बनाने का प्रावधान रखा गया है।
उधर, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के उस बयान पर भी विवाद खड़ा हो गया जिसमें उन्होंने गैरसैंण स्थित विधानसभा भवन को वेडिंग और कॉरपोरेट डेस्टिनेशन के रूप में उपयोग करने का सुझाव दिया था।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि गैरसैंण विधानसभा भवन राज्य आंदोलन की भावनाओं और जनता के संघर्ष का प्रतीक है,
इसे शादी-समारोह या व्यावसायिक कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल करने की बात राज्य की अस्मिता का अपमान है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान देने की मांग की है।
वहीं विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और स्थानीय मुद्दों पर सरकार के जवाब संतोषजनक नहीं हैं।
कांग्रेस विधायक भुवन कापड़ी ने खटीमा में एक किसान की जमीन पर कब्जे का मामला उठाया, जबकि विधायक रवि बहादुर ने पुलिस तंत्र में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया।
विपक्ष ने साफ किया है कि सदन में नियम 310 के तहत भूमिधरी कानून का मुद्दा भी उठाया जाएगा और सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब मांगा जाएगा।



