सरकार ने हटाई संख्या की पाबंदी, पहले दिन ही भारी रजिस्ट्रेशन। पंजीकरण निःशुल्क
देहरादून। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होते ही पहले ही दिन बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पहले दिन कुल 1 लाख 23 हजार 788 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के लिए पंजीकरण कराया।
इनमें सबसे अधिक 42,311 श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि बदरीनाथ धाम के लिए 36,495, गंगोत्री के लिए 22,702 और यमुनोत्री के लिए 22,280 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया।
राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर किसी भी तरह की पाबंदी नहीं होगी। सरकार का कहना है कि जो भी श्रद्धालु यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें धामों तक पहुंचने से नहीं रोका जाएगा।
हालांकि भीड़ या आपात स्थिति में व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन को परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी, जब यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।
यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण भी हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग और चमोली में बनाए गए काउंटरों पर किया जा सकेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रा के लिए पंजीकरण पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा।



