धौलास में भूमि विवाद गहराया, 27 फरवरी को कोर्ट में पेश होंगे 161 खाताधारक
देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के पास धौलास क्षेत्र की विवादित भूमि को लेकर विकासनगर कोर्ट ने सभी 161 खाताधारकों को संयुक्त नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने संबंधित पक्षों को 27 फरवरी को अपने दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी ओर, भूमि स्वामियों ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए एकजुट होकर कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है।
भू-स्वामियों का कहना है कि उन्होंने जमीन की खरीद पूरी वैधानिक प्रक्रिया के तहत की है और अब राजनीतिक कारणों से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
“38 साल सेना में सेवा दी, वैध प्रक्रिया से जमीन खरीदी” – पूर्व सैनिक रवि
जिला प्रशासन की कार्रवाई की जद में आए पूर्व सैनिक रवि ने बताया कि उन्होंने भारतीय सेना में दो अलग-अलग कार्यकाल में कुल 38 वर्षों तक सेवा दी है। अपनी जमा पूंजी से उन्होंने लगभग 200 गज जमीन बच्चों के भविष्य के लिए खरीदी थी।
उनका कहना है कि जमीन की खरीद जिला प्रशासन के अधिकृत अधिकारियों की मौजूदगी में हुई और विधिवत रजिस्ट्री व म्यूटेशन कराया गया। सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। ऐसे में अचानक नोटिस जारी किया जाना उनके लिए हैरानी का विषय है।
“सभी विभागों की अनुमति के बाद खरीदी जमीन” – गौरव ढौंडियाल
स्थानीय निवासी गौरव ढौंडियाल ने बताया कि उन्होंने रजिस्ट्रार कार्यालय, पटवारी, तहसीलदार और एसडीएम स्तर तक जांच-पड़ताल के बाद ही भूमि खरीदी। उनके अनुसार, हाईकोर्ट से कृषि भूमि के रूप में बिक्री की अनुमति मिलने के बाद ही खरीद प्रक्रिया पूरी की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब इस मामले को एक विशेष समुदाय से जोड़कर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। उनका कहना है कि अधिकांश खाताधारक स्थानीय, पर्वतीय मूल के और पूर्व सैनिक हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां किसी प्रकार की विश्वविद्यालय या अन्य संस्थान स्थापना की योजना नहीं है और मामले को सांप्रदायिक रंग देना अनुचित है।
“राजनीति से प्रेरित कार्रवाई” – मनबर सिंह रावत
भारतीय सेना से सेवानिवृत्त मनबर सिंह रावत ने कहा कि धौलास भूमि प्रकरण पूरी तरह राजनीतिक प्रेरित प्रतीत होता है। उनके अनुसार, लगभग 40 पूर्व सैनिकों ने यहां जमीन खरीदी है और सभी ने प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन किया है।
उन्होंने कहा कि जमीन की खरीद सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के माध्यम से की गई थी। अब उन्हीं लोगों को परेशान किया जा रहा है जिन्होंने कानूनी तरीके से निवेश किया। उन्होंने संकेत दिया कि सभी भू-स्वामी सामूहिक रूप से न्यायालय में अपनी बात रखेंगे।
27 फरवरी को पेश होंगे दस्तावेज
विकासनगर कोर्ट द्वारा जारी नोटिस में सभी खाताधारकों को 27 फरवरी को अपने दस्तावेज सत्यापन के लिए प्रस्तुत करने को कहा गया है। भू-स्वामियों का कहना है कि वे रजिस्ट्री, म्यूटेशन और अन्य सभी प्रमाण अदालत में पेश करेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम ने धौलास क्षेत्र में जमीन खरीदने वाले लोगों में चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल सभी 161 खाताधारक एक मंच पर आकर कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।



