उत्तराखंड में सुशासन, पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण पर धामी सरकार का फोकस
- भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण से लेकर 12 महीने के टूरिज्म मॉडल और देवभूमि की संस्कृति के संरक्षण तक- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने सुशासन, पर्यटन विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर एक साथ कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।
भूमि विवादों के त्वरित समाधान के लिए विशेष अभियान की घोषणा से लेकर उत्तरकाशी में शीतकालीन पर्यटन कॉनक्लेव और ऐतिहासिक माघ मेले के शुभारंभ तक, सरकार का संदेश स्पष्ट है विकास भी, विरासत भी और रोजगार भी।
भूमि विवादों के निस्तारण को एक माह का विशेष अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में लंबित भूमि विवादों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन एवं पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ को निर्देशित किया कि सभी जनपदों में प्रशासनिक, राजस्व और पुलिस के समन्वय से अभियान चलाकर भूमि विवादों से जुड़े लंबित मामलों को शून्य स्तर तक लाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद आम नागरिकों की समस्याओं से सीधे जुड़े हैं और कई बार कानून-व्यवस्था व सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अभियान की साप्ताहिक समीक्षा मुख्य सचिव द्वारा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया जाएगा, जिनमें पुलिस एवं चकबंदी विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे।
उत्तराखंड को 12 महीने का टूरिज्म स्टेट बनाने की दिशा में बड़ा कदम
उत्तरकाशी में आयोजित तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन सम्मेलन कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि उत्तराखंड को 12 महीने का टूरिज्म स्टेट बनाने का साझा प्रयास है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वेलनेस, एडवेंचर, योग, मेडिटेशन और सस्टेनेबल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन से पहाड़ों में पलायन रुकेगा और होमस्टे, होटल, टैक्सी, ट्रैकिंग गाइड और स्थानीय उत्पादों को सालभर रोजगार मिलेगा। सरकार परमिशन, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केटिंग हर स्तर पर सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने टूर ऑपरेटर्स से सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों को अपने पर्यटन पैकेज में शामिल करने का आग्रह किया।
माघ मेले के शुभारंभ के साथ संस्कृति संरक्षण का संदेश
मकर संक्रांति के अवसर पर उत्तरकाशी के ऐतिहासिक माघ मेले (बाड़ाहाट कू थौलू) का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधिवत शुभारंभ किया। कंडार देवता और हरि महाराज की डोलियों के सानिध्य में आयोजित इस पौराणिक मेले को उन्होंने लोक आस्था का महाकुंभ बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की संस्कृति के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया गया है, 1000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई है और समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है।
विकास, रोजगार और कानून-व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 27 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शिता के साथ नौकरी दी गई है और नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया है। उत्तरकाशी जनपद में सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं और कनेक्टिविटी से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भूमि विवादों के समाधान, पर्यटन विस्तार और सांस्कृतिक संरक्षण की ये पहलें उत्तराखंड को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।



