बड़ी खबर: ट्रैवलर नाले में गिरने से 8 की मौत, नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, रुद्रपुर में मुठभेड़ और हल्द्वानी में 7 क्लीनिक सील

ट्रैवलर नाले में गिरने से 8 की मौत, नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, रुद्रपुर में मुठभेड़ और हल्द्वानी में 7 क्लीनिक सील
  • राजस्थान के कोटा में भीषण सड़क हादसे से मचा हड़कंप, उत्तराखंड में महिला की मौत से उठे सवाल; रुद्रपुर में पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ा, हल्द्वानी में झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रशासन का शिकंजा

देहरादून। देश और उत्तराखंड में अलग-अलग घटनाओं ने सुरक्षा, कानून व्यवस्था और जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रैवलर के पुलिया से नीचे गिरने से आठ यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हैं।

उत्तराखंड के रामनगर में शादी के महज चार महीने बाद 18 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

वहीं, ऊधम सिंह नगर के दिनेशपुर क्षेत्र में पुलिस और बाइक सवार दो संदिग्धों के बीच मुठभेड़ में एक युवक घायल हुआ, जबकि हल्द्वानी में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और मेडिकल स्टोर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सात प्रतिष्ठान सील कर दिए गए।

कोटा में भीषण हादसा, 8 यात्रियों की मौत

राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह एक ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुलिया से करीब 20 फीट नीचे बरसाती नाले में जा गिरी।

हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल बताए गए हैं। ट्रैवलर में मध्य प्रदेश के भोपाल और बैतूल क्षेत्र के लोग सवार थे, जो खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए जा रहे थे।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चालक को नींद की झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर तोड़ते हुए नाले में जा गिरा। पुलिस, एनएचएआई की रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस की मदद से यात्रियों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और घटना की जांच के लिए विशेष कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी हादसे पर दुख जताया।

रामनगर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, पति हिरासत में

उत्तराखंड के रामनगर में 18 वर्षीय नवविवाहिता कोहिनूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। करीब चार महीने पहले उसकी शादी हुई थी। शुक्रवार शाम ससुराल पक्ष के लोग उसे रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

चिकित्सकों के अनुसार, मृतका की गर्दन पर निशान पाए गए हैं। मायके पक्ष ने ससुराल में प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस ने मृतका के पति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। तहसीलदार रामनगर मनीषा मरखाना के अनुसार, पंचनामा भरने के साथ पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

दिनेशपुर में पुलिस मुठभेड़, आठ तमंचे बरामद

ऊधम सिंह नगर के दिनेशपुर थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के पुलिस और बाइक सवार दो संदिग्धों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से अवैध हथियार ले जाए जाने की सूचना मिलने पर टीम ने घेराबंदी की। इसी दौरान फायरिंग हुई और जवाबी कार्रवाई में 22 वर्षीय मनोज कुमार के पैर में गोली लग गई।

पुलिस ने घायल मनोज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि उसके दूसरे साथी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आठ तमंचे बरामद होने की जानकारी दी है।

एसपी सिटी प्रमोद कुमार के अनुसार, मनोज का आपराधिक इतिहास रहा है और दूसरे आरोपी के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब हथियारों के स्रोत और संभावित नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

हल्द्वानी में झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई, सात प्रतिष्ठान सील

नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित राजपुरा क्षेत्र में प्रशासन और ड्रग्स विभाग की टीम ने अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और मेडिकल स्टोर के खिलाफ कार्रवाई की।

सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी के नेतृत्व में की गई छापेमारी के दौरान अनियमितताएं मिलने पर सात प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया।

जांच के दौरान कहीं बिना लाइसेंस दवाइयां वितरित किए जाने, तो कहीं आयुर्वेदिक डॉक्टरों द्वारा एलोपैथिक दवाओं से इलाज किए जाने की बात सामने आई। कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ संचालक मौके से फरार हो गए।

सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार, इससे पहले भी झोलाछाप डॉक्टरों के आठ प्रतिष्ठानों को सील किया गया था। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

चार घटनाएं, चार गंभीर सवाल: कोटा में सड़क सुरक्षा, रामनगर में नवविवाहिता की मौत की निष्पक्ष जांच, रुद्रपुर क्षेत्र में अवैध हथियारों पर अंकुश और हल्द्वानी में लोगों को अवैध इलाज से बचाने की चुनौती एक बार फिर सामने है। इन मामलों में जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के नतीजे आगे की तस्वीर स्पष्ट करेंगे।