गजब: फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे बने शिक्षक, जांच में खुली पोल और गई नौकरी

फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे बने शिक्षक, जांच में खुली पोल और गई नौकरी

  • जांच में प्रमाणपत्र और QR कोड फर्जी मिले, शिक्षा विभाग ने सेवाएं समाप्त कर पुलिस को दी तहरीर

अल्मोड़ा। उत्तराखंड में फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने के मामलों पर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

अल्मोड़ा में फर्जी UTET (उत्तराखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा) प्रमाणपत्र के आधार पर प्राथमिक शिक्षक बने तीन सहायक अध्यापकों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। विभाग ने तीनों के खिलाफ पुलिस को तहरीर भी सौंप दी है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हो गई है।

जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) कार्यालय अल्मोड़ा ने वर्ष 2025 में सहायक अध्यापक (प्राथमिक) भर्ती प्रक्रिया के तहत तीन अभ्यर्थियों को जनवरी 2026 में नियुक्ति दी थी।

नियुक्ति के बाद उनके द्वारा प्रस्तुत UTET-2024 प्रमाणपत्रों की सत्यता को लेकर शिकायत मिली। शिकायत के आधार पर दस्तावेज उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर भेजे गए।

परिषद की जांच में सामने आया कि तीनों अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रमाणपत्रों पर दर्ज अनुक्रमांक कभी जारी ही नहीं किए गए थे। मूल अभिलेखों में भी उनका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।

इतना ही नहीं, प्रमाणपत्रों और अंकपत्रों पर अंकित QR कोड भी फर्जी पाए गए। इसके बाद विभागीय जांच समिति ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप सही पाया।

जांच के दौरान विभाग ने तीनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन वे अपने पक्ष में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

आरोप है कि कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए त्यागपत्र भेजा, लेकिन विभाग ने गंभीर धोखाधड़ी के मामले को देखते हुए त्यागपत्र स्वीकार नहीं किया।

जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) डॉ. रवि मेहता ने बताया कि जांच में दोष सिद्ध होने के बाद तीनों शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और विधिक कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दे दी गई है।

वहीं अल्मोड़ा कोतवाली पुलिस ने तहरीर मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।