क्राइम अपडेट: उत्तराखंड की 8 बड़ी खबरें। हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार, दून अस्पताल में हंगामा, कोर्ट के बड़े फैसले। अभी पढ़ें….

उत्तराखंड की 8 बड़ी खबरें। हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार, दून अस्पताल में हंगामा, कोर्ट के बड़े फैसले। अभी पढ़ें….

देहरादून। उत्तराखंड में शनिवार को अपराध, सड़क हादसों और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़ी कई बड़ी घटनाएं सामने आईं।

हरिद्वार में पुलिस ने PIT-NDPS एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 मुकदमों वाले कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और नशा तस्कर सलमान को गिरफ्तार किया। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

उधर, काशीपुर में पेट्रोल पंप पर लगे वाटर कूलर में कथित रूप से करंट आने से सर्वेश कुमार की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

वहीं उत्तरकाशी के यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर डंपर गहरी खाई में गिरने से चालक हरजीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। उधम सिंह नगर के गदरपुर-मटकोटा मार्ग पर तीन स्कूटी सवार युवतियों को बचाने के प्रयास में एक पिकअप नदी में जा गिरी, जिसमें चालक घायल हो गया।

देहरादून में दून अस्पताल की ओपीडी में एक युवती ने सफाईकर्मी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया। घटना के बाद लोगों ने आरोपी की पिटाई कर दी। अस्पताल प्रशासन ने संबंधित सफाईकर्मी की सेवाएं समाप्त करने के लिए उपनल को पत्र भेज दिया है।

दूसरी ओर कलेक्ट्रेट में संग्रह अमीन की विवादित तैनाती को लेकर जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद अपर जिलाधिकारी का आदेश 24 घंटे के भीतर वापस लेना पड़ा, जिससे प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए।

नैनीताल के चर्चित भवाली दुष्कर्म प्रकरण में भी नया मोड़ आया। मूल शिकायतकर्ता युवती को पुलिस ने आरोपी बनाकर अदालत में पेश किया, लेकिन न्यायालय ने पुलिस रिमांड की मांग खारिज करते हुए उसे 30 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।

इसी बीच हरिद्वार के ज्वालापुर में 12वीं की छात्रा से कथित दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी के मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने उवेश और समरीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वहीं नैनीताल के कैंची धाम क्षेत्र में नशे में धुत युवकों ने पहले एक होमस्टे संचालक के साथ मारपीट की और पुलिस से बचने के दौरान तीन वाहनों को टक्कर मार दी। दुर्घटना में एक महिला घायल हो गई। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण कराया और उनकी कार सीज कर दी है।

इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।