Weather Alert: उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्ट। 8 जिलों में स्कूल बंद, डीएम आशीष चौहान खुद उतरे मैदान में

उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्ट। 8 जिलों में स्कूल बंद, डीएम आशीष चौहान खुद उतरे मैदान में

  • उधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत में रेड अलर्ट, कई सड़कें बंद; देहरादून में संवेदनशील क्षेत्रों का डीएम ने किया निरीक्षण

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। कई जिलों में भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बार-बार बंद हो रही हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार उधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में गरज-चमक के साथ अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। राज्य के अन्य जिलों में भी भारी बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका के चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है।

भारी बारिश के मद्देनजर चंपावत, उधम सिंह नगर, हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, देहरादून और पौड़ी गढ़वाल जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

उधर, देहरादून में रेड अलर्ट के बीच जिलाधिकारी आशीष चौहान ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर सहस्रधारा, कार्लीगढ़ और अति संवेदनशील सपेरा बस्ती का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग चार स्थानों पर मलबा आने से बंद मिला। जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई अधिकारियों को दोनों ओर से जेसीबी लगाकर तत्काल मलबा हटाने और सड़क को जल्द से जल्द खोलने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने इस मार्ग के स्थायी संरक्षण और ट्रीटमेंट के लिए शासन स्तर पर पहल करने का आश्वासन भी दिया।

कार्लीगढ़ क्षेत्र में सिंचाई विभाग ने नदी चैनलाइजेशन और मलबा हटाने का कार्य पूरा होने की जानकारी दी। हालांकि नदी के दूसरी ओर रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को देखते हुए डीएम ने प्रशासन को खाद्य सामग्री, पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा सभी परिवारों का संपर्क विवरण जिला कंट्रोल रूम में दर्ज करने के निर्देश दिए।

सपेरा बस्ती में जिलाधिकारी ने नाले के ट्रीटमेंट और क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की मरम्मत का तत्काल प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी सुझाव लेकर सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 9 जुलाई को देहरादून में औसतन 25.75 मिमी वर्षा दर्ज की गई। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है, जबकि गंगा और टोंस नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।

भूस्खलन के कारण हरिपुर-इच्छाड़ी-कुवानु-मीनास राज्य मार्ग तीन स्थानों पर अवरुद्ध है, जबकि जिले के 14 ग्रामीण मार्ग भी बंद हैं। प्रशासन ने सभी मार्गों को जल्द से जल्द सुचारू करने का दावा किया है।