बिग ब्रेकिंग: नैनीताल झील, शिप्रा नदी और ट्रांसपोर्ट नगर के मुद्दे NGT में, कई मामलों में अंतिम सुनवाई शुरू

नैनीताल झील, शिप्रा नदी और ट्रांसपोर्ट नगर के मुद्दे NGT में, कई मामलों में अंतिम सुनवाई शुरू

हल्द्वानी। हल्द्वानी के समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत सिंह गौनिया द्वारा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न मामलों में उठाई गई शिकायतों पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), प्रधान पीठ नई दिल्ली ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है।

प्रधानमंत्री कार्यालय और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के माध्यम से भेजी गई शिकायतों के आधार पर कई मामलों को मूल आवेदन (Original Application) के रूप में पंजीकृत किया गया है, जिनमें से कुछ अब अंतिम सुनवाई के चरण तक पहुंच चुके हैं।

आरटीआई के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हेमंत सिंह गौनिया ने चार प्रमुख जनहित मुद्दों को एनजीटी के समक्ष उठाया।

इनमें नैनीताल झील में बढ़ता प्रदूषण, भवाली बाजार से कैंची धाम तक शिप्रा नदी में गंदगी एवं अतिक्रमण, हल्द्वानी के गोलापार स्थित डंपिंग जोन से फैलता प्रदूषण तथा हल्द्वानी शहर के बीच संचालित ट्रांसपोर्ट कारोबार को देवलचौड़ स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में स्थानांतरित करने की मांग शामिल है।

गौनिया ने बताया कि इन शिकायतों पर कार्रवाई की जानकारी न मिलने के बाद उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी।

आरटीआई के जवाब में एनजीटी की केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी प्रेर्णा गोयल ने बताया कि शिकायतों का परीक्षण कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत याचिकाओं के रूप में पंजीकृत किया गया।

दस्तावेजों के अनुसार मूल आवेदन संख्या 1319/2024, 1335/2024 तथा 290/2025 एनजीटी में दर्ज किए गए हैं। इनमें मूल आवेदन संख्या 1319/2024 22 अप्रैल 2025 को अंतिम बार सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ था, जबकि मूल आवेदन संख्या 1335/2024 (Hemant Singh Gonia) को एनजीटी की कॉज लिस्ट में फाइनल हियरिंग के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

यह सुनवाई हाइब्रिड मोड (फिजिकल एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस) में निर्धारित की गई, जिसमें हेमंत सिंह गौनिया स्वयं Applicant in Person के रूप में पक्ष रख रहे हैं।

आरटीआई से यह भी स्पष्ट हुआ कि एनजीटी ने शिकायतों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संबंधित अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई के लिए भेजा और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत विचारार्थ स्वीकार किया।

हेमंत सिंह गौनिया का कहना है कि ये सभी मामले पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य और सार्वजनिक हित से जुड़े हैं।

उनका मानना है कि नैनीताल झील, शिप्रा नदी, डंपिंग जोन और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई होने से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और आम जनता को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

अब इन मामलों में एनजीटी के अंतिम आदेश और आगामी न्यायिक कार्रवाई पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।