पौड़ी अस्पताल में करोड़ों की CT स्कैन मशीन खराब, लापरवाही पर PMS सस्पेंड
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने पौड़ी जिला अस्पताल में स्थापित करोड़ों की सीटी स्कैन मशीन के खराब होने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
रखरखाव में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर शासन ने तत्कालीन प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजयेंद्र भारद्वाज को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, जिला चिकित्सालय पौड़ी में आम मरीजों को बेहतर जांच सुविधा देने के उद्देश्य से महंगी सीटी स्कैन मशीन स्थापित की गई थी।
लेकिन प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 से मशीन को बिना पर्याप्त सुरक्षा और तकनीकी देखरेख के खुले स्थान पर रखा गया। लंबे समय तक उचित रखरखाव न होने के कारण मशीन पूरी तरह से खराब हो गई।
मामला सामने आने के बाद चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट तलब की। जांच में संबंधित अधिकारियों की गंभीर लापरवाही उजागर हुई, जिसके आधार पर शासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डॉ. भारद्वाज को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया।
सरकार का सख्त संदेश
इस पूरे प्रकरण पर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने स्पष्ट कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध महंगे उपकरण जनता की सुविधा के लिए होते हैं, ऐसे में उनके रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में मशीनों और चिकित्सा उपकरणों की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मरीजों पर असर
सीटी स्कैन मशीन के खराब होने से पौड़ी और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सिर की चोट, स्ट्रोक, फेफड़ों और आंतरिक अंगों से जुड़ी गंभीर बीमारियों की जांच के लिए सीटी स्कैन बेहद जरूरी होता है।
ऐसे में मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों या अन्य जिलों का रुख करना पड़ा, जिससे उनके इलाज का खर्च और समय दोनों बढ़ गया।



