बड़ी खबर: देहरादून छात्र हत्याकांड पर किसानों का प्रदर्शन, CM से वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त

देहरादून छात्र हत्याकांड पर किसानों का प्रदर्शन, CM से वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त

देहरादून। राजधानी देहरादून में 23 मार्च को हुए छात्र दिव्यांशु जटराना हत्याकांड को लेकर शुक्रवार को व्यापक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।

किसान नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से हजारों किसान आशारोड़ी चेकपोस्ट पर एकत्र हुए। हालांकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया है।

23 मार्च को देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में छात्रों के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में मुजफ्फरनगर निवासी छात्र दिव्यांशु जटराना की मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद से ही क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बना हुआ था, जिसने शुक्रवार को संगठित विरोध का रूप ले लिया।

आशारोड़ी में जुटी भीड़, कई जिलों की भागीदारी

शुक्रवार सुबह से ही बागपत, शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर सहित उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून से बड़ी संख्या में किसान देहरादून पहुंचे।

किसानों ने दिव्यांशु को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही, शहर में बढ़ते अपराध और नशे के कारोबार को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

परिवार की भावुक अपील

शोकसभा के दौरान दिव्यांशु के परिजनों ने न्याय की मांग दोहराई। उनके दादा हरबीर सिंह ने मीडिया से बातचीत में भावुक होते हुए कहा कि परिवार ने अपना सहारा खो दिया है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई ही न्याय होगा।

कानून-व्यवस्था और नशे पर उठे सवाल

किसान नेता राकेश टिकैत ने देहरादून की बदलती स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि शहर की “शिक्षा नगरी” की पहचान प्रभावित हो रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशे का प्रसार चिंताजनक है और यह बिना प्रशासनिक लापरवाही के संभव नहीं है। इसके अलावा, पुलिस की कार्यप्रणाली और प्रदेश में बाहरी तत्वों की बढ़ती सक्रियता पर भी सवाल उठाए गए।

प्रशासन से वार्ता, 13 सदस्यीय समिति गठित

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और किसान नेताओं के बीच कई दौर की वार्ता हुई। प्रारंभिक स्तर पर सहमति न बनने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल ने स्वयं मौके पर पहुंचकर वार्ता की।

अंततः एक सहमति बनी, जिसके तहत:

  • 13 सदस्यीय किसान समिति गठित की गई
  • समिति को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने का समय दिया गया
  • समिति जांच प्रक्रिया की निगरानी करेगी
  • मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।

पुलिस की कार्रवाई

SSP प्रमेंद्र डोभाल के अनुसार

  • मामले में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है
  • फरार आरोपियों पर इनाम राशि बढ़ाकर ₹50,000 कर दी गई है
  • गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि किसान समिति को जांच से संबंधित प्रगति की जानकारी दी जाती रहेगी।

दिव्यांशु जटराना हत्याकांड ने देहरादून की कानून-व्यवस्था, छात्र सुरक्षा और सामाजिक माहौल पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।

फिलहाल प्रशासन और किसान संगठनों के बीच बनी सहमति से स्थिति नियंत्रित हुई है, लेकिन मामले में न्यायिक कार्रवाई और पारदर्शिता आगामी घटनाक्रम को तय करेगी।