UCC के बाद जनसंख्या नियंत्रण कानून की तैयारी, 10 अप्रैल से डिजिटल जनगणना शुरू
देहरादून। उत्तराखंड में प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर बड़े बदलावों की दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है।
Uniform Civil Code लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने के बाद अब सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून पर मंथन कर रही है। वहीं, दूसरी ओर राज्य में 10 अप्रैल से डिजिटल जनगणना की शुरुआत भी होने जा रही है।
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने संकेत दिए हैं कि राज्य की डेमोग्राफी को संतुलित बनाए रखने, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करने और अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने के लिए सरकार आगे और सख्त कदम उठा सकती है। उन्होंने कहा कि UCC लागू करने के बाद अब अन्य महत्वपूर्ण कानूनों पर भी चर्चा जारी है।
राज्य में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर ठोस निर्णय लिया जा सकता है। यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, जहां भाजपा हैट्रिक जीत की तैयारी में है, वहीं कांग्रेस वापसी के लिए प्रयासरत है।
इसी बीच, उत्तराखंड में 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक डिजिटल जनगणना का पहला चरण शुरू होगा। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जा रही है, जिसमें “सेल्फ एन्यूमरेशन” यानी स्वगणना की सुविधा दी गई है। लोग मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए खुद अपने परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
एप्लीकेशन में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या, सामाजिक वर्ग, पानी-बिजली जैसी सुविधाएं, और मोबाइल, इंटरनेट, टीवी, वाहन आदि की जानकारी शामिल होगी। इसके बाद जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर इन जानकारियों का भौतिक सत्यापन करेंगे।
जनगणना सचिव दीपक गैरोला के अनुसार, कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और प्रत्येक अधिकारी को लगभग 800 घरों का सर्वे एक महीने में पूरा करना होगा।
देशभर में जनगणना फरवरी 2027 में प्रस्तावित है, जबकि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में यह प्रक्रिया सितंबर 2026 से शुरू हो सकती है।
सरकार की इन पहलों से साफ है कि उत्तराखंड में आने वाले समय में नीतिगत और प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जो चुनावी साल में भी अहम भूमिका निभाएंगे।




