डॉ. तन्वी की संदिग्ध मौत, सुसाइड या मर्डर? जांच में उलझे कई सवाल

डॉ. तन्वी की संदिग्ध मौत, सुसाइड या मर्डर? जांच में उलझे कई सवाल

  • सुसाइड नोट नहीं मिला, पहले कोई लिखित शिकायत भी नहीं, मानसिक स्वास्थ्य और घटनाक्रम दोनों जांच के दायरे में

देहरादून। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज (SGRR) की पीजी डॉक्टर तन्वी की संदिग्ध मौत ने पूरे मामले को उलझा दिया है। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया जा रहा है, लेकिन कई अहम सवाल सामने आने के बाद अब इस मामले में विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।

पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह मामला वास्तव में आत्महत्या का है या फिर इसके पीछे कोई साजिश छिपी है। घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे संदेह और गहरा गया है।

घटनाक्रम पर उठे सवाल

जानकारी के अनुसार, डॉ. तन्वी की आखिरी ड्यूटी जनरल शिफ्ट में थी। तड़के करीब 3 बजे उनके माता-पिता उन्हें ब्रॉट डेड हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे।

इससे पहले उनकी गतिविधियों, लोकेशन और संभावित मूवमेंट की जांच के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

यह भी जांच का विषय है कि जब तन्वी घर नहीं पहुंचीं तो उनके परिजनों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को इसकी सूचना क्यों नहीं दी।

पहले कोई शिकायत क्यों नहीं?

मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि न तो डॉ. तन्वी और न ही उनके परिजनों ने पहले कभी पुलिस, प्रशासन या कॉलेज प्रबंधन के पास किसी प्रकार की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि किसी प्रकार का उत्पीड़न या दबाव था, तो उसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई।

मानसिक स्वास्थ्य का पहलू

कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, डॉ. तन्वी लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उपचार ले रही थीं।

बताया गया है कि,

  • करीब 2 वर्ष पहले उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसमें उन्हें ICU में भर्ती कराना पड़ा था
  • 31 दिसंबर 2025 को भी उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की थी

इन तथ्यों के आधार पर पुलिस मानसिक स्वास्थ्य के पहलू को भी गंभीरता से जांच में शामिल कर रही है।

करियर के अहम मोड़ पर मौत

डॉ. तन्वी पढ़ाई में अच्छी मानी जाती थीं और दो महीने बाद अपना पीजी कोर्स पूरा कर सीनियर रेजिडेंसी (SR Ship) शुरू करने वाली थीं। ऐसे में इस घटना ने कई और सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ जिसने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया।

कॉलेज और विभाग पर उठे सवाल

नेत्र रोग विभाग की एचओडी डॉ. प्रियंका के खिलाफ परिजनों द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, कॉलेज सूत्रों का कहना है कि उनका अन्य छात्रों के साथ व्यवहार सामान्य और सहयोगात्मक रहा है।

अब यह भी जांच का विषय बन गया है कि,

  • बिना किसी पूर्व शिकायत के अचानक आरोप क्यों लगाए गए?
  • क्या इसके पीछे कोई अन्य कारण या दबाव है?

पुलिस जांच जारी

SGRR मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को देते हुए संबंधित दस्तावेज और मेडिकल रिकॉर्ड सौंप दिए हैं।

पुलिस सभी पहलुओं घटनाक्रम, मानसिक स्वास्थ्य, संस्थागत वातावरण और संभावित बाहरी कारकों को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

डॉ. तन्वी की मौत का मामला कई परतों में उलझा हुआ नजर आ रहा है। आत्महत्या और हत्या के बीच सच्चाई क्या है, यह अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल, पूरे मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग लगातार तेज होती जा रही है।