राजनीति: बजट सत्र में गरजे सीएम धामी, कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण का आरोप

बजट सत्र में गरजे सीएम धामी, कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण का आरोप

गैरसैंण/भराड़ीसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी दल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अल्पसंख्यक समुदाय को अपनी राजनीति का “टूलकिट” बनाकर रखा, जबकि उनकी सरकार चाहती है कि अल्पसंख्यकों के हाथ में अच्छी शिक्षा और समान अवसर हों।

सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करते हुए अन्य अल्पसंख्यकों की अनदेखी की, जबकि राज्य सरकार ने नए कानूनों में सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध और जैन समुदाय को भी समान अधिकार देने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने मदरसा अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2016 में कांग्रेस सरकार के समय लागू कानून में केवल मुस्लिम समुदाय को ही अल्पसंख्यक मानकर प्रावधान किए गए थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस व्यवस्था को बदलते हुए अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को भी समान अधिकार देने की दिशा में कदम उठाए हैं।

धामी ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण ने देवभूमि की पहचान को नुकसान पहुंचाया था, जिसे उनकी सरकार सुधारने का काम कर रही है।
सीएम धामी ने अवैध मदरसों पर कार्रवाई को लेकर भी अपना पक्ष रखा।

उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी नेता सरकार पर मदरसा विरोधी होने का आरोप लगाते हैं, जबकि सरकार केवल अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी संस्था की आड़ में राष्ट्रविरोधी गतिविधियां चलेंगी या आतंक फैलाने की कोशिश होगी, तो सरकार ऐसे तत्वों को उत्तराखंड में पनपने नहीं देगी।

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने सख्त भू-कानून और “ऑपरेशन कालनेमि” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बाहरी लोग बड़े उद्योग, संस्थान या सामाजिक कार्य के नाम पर राज्य में जमीन खरीद रहे थे, लेकिन उनका वास्तविक उद्देश्य कुछ और होता था।

ऐसे मामलों को रोकने के लिए राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कालनेमि के तहत छद्म वेश धारण कर तीर्थ यात्रियों को ठगने वाले असामाजिक तत्वों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर विश्वासघात और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार जन-जन के विकास और विश्वास की राजनीति करती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं पर काम चल रहा है।

सरकार का लक्ष्य राज्य को आत्मनिर्भर बनाना, इकोनॉमी और इकोलॉजी के बीच संतुलन स्थापित करना और उत्तराखंड को विश्व की पर्यटन एवं आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करना है।

इधर, गैरसैंण के भराड़ीसैंण में चल रहे उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 का आज चौथा दिन है। सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई, जिसमें विधायकों ने अपने क्षेत्रों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछे।

प्रश्नकाल के बाद राज्य के बजट पर सामान्य चर्चा जारी रहने की संभावना है, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक बजट के विभिन्न प्रावधानों पर अपनी-अपनी राय रखेंगे।

बजट चर्चा के दौरान रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी बहस होने की उम्मीद है। कई विधायक अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करेंगे।

सामान्य चर्चा के बाद नियम 58 के तहत लिए गए जनहित के विषयों पर भी चर्चा हो सकती है। विभागवार बजट पर विस्तृत चर्चा संभवतः अगले दिन से शुरू की