बिग ब्रेकिंग: नौकरी के बदले जमीन’ मामले में लालू यादव की याचिका पर हाईकोर्ट ने CBI को भेजा नोटिस

बिग ब्रेकिंग: नौकरी के बदले जमीन’ मामले में लालू यादव की याचिका पर हाईकोर्ट ने CBI को भेजा नोटिस

नई दिल्ली। Delhi High Court ने बुधवार को Lalu Prasad Yadav की याचिका पर Central Bureau of Investigation (CBI) को नोटिस जारी किया। याचिका में 9 जनवरी को विशेष अदालत द्वारा ‘नौकरी के बदले जमीन’ मामले में लालू यादव के खिलाफ तय किए गए आरोपों को चुनौती दी गई है।

न्यायमूर्ति Manoj Jain की पीठ ने मामले में सुनवाई का कार्यक्रम तय करते हुए कहा कि दलीलें 17, 18 और 23-24 मार्च को दोपहर 3:30 बजे से सुनी जाएंगी। अदालत ने दोनों पक्षों से इस मामले में लिखित सारांश (सिनॉप्सिस) दाखिल करने को भी कहा है।

कपिल सिब्बल ने भर्ती प्रक्रिया से मंत्री की भूमिका न होने का दिया तर्क

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal ने दलील दी कि उस समय के रेल मंत्री का भर्ती प्रक्रिया से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था।

उन्होंने कहा कि मामला रेलवे में ग्रुप-D कर्मचारियों की भर्ती से जुड़ा है और ऐसी नियुक्तियां प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत होती हैं, जिनका निर्णय रेलवे के अधिकारी लेते हैं।

सिब्बल ने अदालत को बताया कि 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव रेल मंत्री थे, उस दौरान करीब 1500 कर्मचारियों की भर्ती हुई थी। भर्ती की प्रक्रिया और नियम पहले से तय होते हैं और मंत्री की उसमें कोई भूमिका नहीं होती।

कथित जमीन सौदे पर भी उठाए सवाल

सिब्बल ने कहा कि आरोपों के अनुसार लगभग दो एकड़ जमीन से जुड़े कुछ लेन-देन को इस मामले का आधार बनाया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि यह एक निजी लेन-देन था और इसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लाना उचित नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि कथित “क्विड प्रो क्वो” (नौकरी के बदले जमीन) को साबित करने के लिए ऐसा कोई कर्मचारी सामने नहीं आया, जिसने बयान दिया हो कि उसे नौकरी के बदले जमीन देनी पड़ी।

100 से ज्यादा गवाह, अब तक एक की ही गवाही

सुनवाई के दौरान CBI की ओर से बताया गया कि मामले में 100 से अधिक गवाह हैं, लेकिन अब तक केवल एक गवाह की ही गवाही हुई है। अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि दलीलों के दौरान सरकारी गवाहों की पेशी कुछ समय के लिए टाली जा सकती है, हालांकि सुनवाई पर रोक नहीं लगेगी।

स्पेशल कोर्ट ने तय किए थे आरोप

इससे पहले Rouse Avenue Court के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने कथित रूप से सरकारी नौकरियों के बदले जमीन हासिल करने की साजिश रची।

इस मामले में लालू यादव के अलावा उनकी पत्नी Rabri Devi, बेटे Tejashwi Yadav और बेटी Misa Bharti समेत कई लोग आरोपी हैं।

CBI के अनुसार, 2004 से 2009 के बीच बिहार के कई लोगों को भारतीय रेलवे के अलग-अलग जोनों में ग्रुप-D पदों पर नियुक्त किया गया और इसके बदले कथित तौर पर जमीन लालू यादव के परिवार या उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम ट्रांसफर कर दी गई।

अब दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई मार्च के तीसरे सप्ताह में आगे बढ़ेगी।