गैरसैंण बजट सत्र: CAG रिपोर्ट पर घमासान, कांग्रेस का विधानसभा कूच, हंगामे के बीच 11 विधेयक पेश

गैरसैंण बजट सत्र: CAG रिपोर्ट पर घमासान, कांग्रेस का विधानसभा कूच, हंगामे के बीच 11 विधेयक पेश

गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन के भीतर और बाहर सियासत तेज हो गई। एक ओर सदन में पेश हुई कैग (CAG) की रिपोर्ट को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा, तो वहीं विधानसभा के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

सदन में कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए नमामि गंगे योजना और गंगा जल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की कई प्रयोगशालाएं मानकों के अनुरूप नहीं हैं और कुछ प्रयोगशालाएं मान्यता प्राप्त भी नहीं हैं। ऐसे में पानी की गुणवत्ता की जांच की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में हरिद्वार में गंगा का पानी ‘बी श्रेणी’ का पाया गया है, जो सीधे पीने योग्य नहीं माना जाता। काजी निजामुद्दीन ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गंगा की स्वच्छता को लेकर अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि राज्य में कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट राष्ट्रीय हरित अधिकरण के मानकों के अनुरूप नहीं हैं और प्रदेश में 18 एसटीपी की कमी है, जबकि कई एसटीपी बंद पड़े हैं।

कांग्रेस विधायक ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गंगा करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। यदि गंगा जल की गुणवत्ता खराब है तो सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस का विधानसभा कूच, पुलिस से नोकझोंक

उधर, बजट सत्र के दौरान कांग्रेस ने स्थायी राजधानी गैरसैंण, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, बढ़ते महिला अपराध, बेरोजगारी और अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किया। सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच किया, जिन्हें पुलिस ने दिवालीखाल बैरियर पर रोक दिया।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारी विधानसभा जाने की मांग पर अड़े रहे। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को कुछ देर तक वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।

प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, हरक सिंह रावत, करण माहरा और ललित फर्सवाण सहित कई नेताओं ने किया।

कांग्रेस नेताओं का सरकार पर हमला

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का सहारा ले रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि यह विरोध सरकार के लिए चेतावनी है और 2027 में प्रदेश की जनता बदलाव लाएगी।

हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, पलायन, कानून व्यवस्था और जंगली जानवरों के आतंक जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार का ध्यान नहीं है। कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिला उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी चरम पर है।

प्रदर्शन के दौरान 12 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए, जिन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। एक महिला पुलिसकर्मी को पैर में चोट लगने के कारण गैरसैंण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया।

सदन में भी हंगामा, कार्यवाही हुई स्थगित

इधर, विधानसभा के भीतर भी हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस विधायक हरीश धामी द्वारा धारचूला की ब्लॉक प्रमुख के मामले को उठाए जाने पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हो गई। हंगामा बढ़ने पर स्पीकर को कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

11 विधेयक हुए पेश

बजट सत्र के दूसरे दिन सरकार ने सदन में 11 विधेयक पेश किए। इनमें ‘देवभूमि परिवार विधेयक-2026’ प्रमुख रहा। इस विधेयक के तहत राज्य में एकीकृत परिवार आधारित डिजिटल डेटाबेस बनाया जाएगा, जिससे विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की जानकारी एक मंच पर उपलब्ध होगी।

इस परिवार आईडी में मुखिया के रूप में परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य का नाम दर्ज किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी।

इसके अलावा उत्तराखंड जीएसटी संशोधन, दुकान और स्थापन संशोधन, अल्पसंख्यक आयोग संशोधन, कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं संशोधन, सार्वजनिक द्यूत रोकथाम और समान नागरिक संहिता संशोधन सहित कुल 11 विधेयक सदन में पेश किए गए।

प्रश्नकाल में कई मुद्दों पर चर्चा

प्रश्नकाल के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष, वन कानून, सड़क निर्माण और पंचायत भवनों के निर्माण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वन मंत्री ने बताया कि वर्ष 2000 से जनवरी 2026 तक मानव-वन्यजीव संघर्ष में 1296 लोगों की मौत और 6624 लोग घायल हुए हैं। सरकार ने मुआवजा राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी है।

वहीं पीडब्ल्यूडी मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि प्रदेश में 7000 किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढा मुक्त किया गया है और पिछले चार वर्षों में 819 पंचायत भवनों का निर्माण या पुनर्निर्माण किया गया है।

इस तरह बजट सत्र के दूसरे दिन सदन के भीतर तीखी राजनीतिक बहस और बाहर विपक्ष के प्रदर्शन के कारण प्रदेश की राजनीति पूरी तरह गरमाई रही।