रुद्रपुर में फर्जी दस्तावेज़ रैकेट का भंडाफोड़, एसटीएफ की छापेमारी में जन सेवा केंद्र सील
रुद्रपुर। स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड (एसटीएफ) ने ट्रांजिट कैम्प क्षेत्र में चल रहे फर्जी दस्तावेज़ बनाने के संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान एक फर्जी जन सेवा केंद्र को सील कर दिया गया और मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के तहत टीम ने ट्रांजिट कैम्प स्थित गंगवार जन सेवा केंद्र में छापा मारा।
छापेमारी के दौरान आरोपी चेतन कुमार को कंप्यूटर पर फर्जी मार्कशीट तैयार करते हुए पकड़ा गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले एक वर्ष से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और शैक्षिक प्रमाण पत्र तैयार कर रहा था। वह बाहरी राज्यों से आए लोगों को सिडकुल में नौकरी दिलाने के लिए नकली स्थानीय पहचान पत्र उपलब्ध कराता था।
आरोपी ग्राहकों की फोटो लेकर सॉफ्टवेयर के जरिए नाम और पता बदलकर फर्जी आधार कार्ड प्रिंट करता था और इसके बदले मोटी रकम वसूलता था।
तलाशी के दौरान पुलिस ने 42 आधार कार्ड, 55 प्लास्टिक पैन कार्ड, 9 मार्कशीट, कंप्यूटर सेट, प्रिंटर और बायोमैट्रिक स्कैनर बरामद किए। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी अब तक करीब 400 से 500 लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर चुका है।
एसटीएफ के अनुसार अधिकांश आधार कार्ड पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के पते पाए गए, जिन्हें कूटरचित कर उत्तराखंड की स्थानीय पहचान के रूप में इस्तेमाल किया जाना था।
आरोपी के खिलाफ ट्रांजिट कैम्प थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि राज्य में फर्जी दस्तावेज, अवैध जन सेवा केंद्र और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



