नाबालिग से दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी, धरने पर विधायक और सड़क हादसे में आगजनी
देहरादून। उत्तराखंड में बीते 24 घंटों के भीतर सामने आई घटनाओं ने कानून-व्यवस्था, सामाजिक मूल्यों और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कहीं परिवार के भीतर जघन्य अपराध उजागर हुआ, कहीं न्यायिक व्यवस्था ठप दिखी, तो कहीं सड़क हादसे के बाद जनता का गुस्सा हिंसा में बदल गया।
कोटद्वार: रिश्तों को शर्मसार करने वाला अपराध
पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में सौतेली नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोप में 32 वर्षीय पिता को गिरफ्तार किया गया है। बच्ची की मां ने 6 फरवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में बच्ची सकुशल मिली,
लेकिन उसके बयान ने सभी को झकझोर दिया। पीड़िता ने बताया कि 5 फरवरी की रात सौतेले पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कोटद्वार ‘बाबा’ विवाद: जान से मारने की धमकी, बिहार कनेक्शन
इसी कोटद्वार में 26 जनवरी को हुए दुकान नामकरण विवाद से जुड़े दीपक कुमार को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी दी गई। हत्या करने वाले को ₹2 लाख इनाम देने का ऐलान किया गया।
पुलिस जांच में आरोपी की पहचान राजा उत्कर्ष (मोतिहारी, बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर बिहार पुलिस से समन्वय स्थापित किया है।
वहीं, इसी विवाद में बजरंग दल से जुड़े 40 अज्ञात लोगों में से 14 की पहचान कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
हल्द्वानी: न्यायिक व्यवस्था ठप, विधायक धरने पर
नैनीताल जिला मुख्यालय हल्द्वानी में एसडीएम की तैनाती न होने से न्यायिक कार्य बाधित है। इसे लेकर कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने कार्यकर्ताओं और पार्षद के साथ एसडीएम कोर्ट परिसर में धरना दिया। उनका कहना है कि नियमित सुनवाई न होने से आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है और न्याय में देरी हो रही है।
उधम सिंह नगर: सड़क हादसे में मौत, डंपर फूंका
उधम सिंह नगर जिले में सोमवार सुबह रेत से लदे डंपर ने बाइक सवार 58 वर्षीय जयपाल सिंह को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक फरार हो गया।
गुस्साई भीड़ ने डंपर में आग लगा दी, जिससे क्षेत्र में तनाव फैल गया। पुलिस ने हालात काबू में कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी चालक की तलाश जारी है।
उत्तराखंड में सामने आई ये घटनाएं बताती हैं कि अपराध, प्रशासनिक शिथिलता और अव्यवस्था एक साथ राज्य की सामाजिक और कानून व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं। सवाल यही है कि इन घटनाओं से सबक लेकर व्यवस्था कब और कैसे मजबूत होगी।



