किच्छा में डग्गामारी और ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने में नाकाम प्रशासन
रिपोर्ट- दिलीप अरोरा
उत्तराखंड : ऊधमसिंह नगर सड़क पर आमजन की सुरक्षा को लेकर प्रशासन भले ही बड़े-बड़े दावे करता हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। ऊधमसिंह नगर जिले में परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है कि वह “सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा” के नारे को सिर्फ
शब्दों तक सीमित न रखे, बल्कि उसे धरातल पर भी उतारे। मगर मौजूदा हालात इस जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों में सड़क हादसों में कमी आने के बजाय इजाफा देखने को मिला है। इन हादसों में कई घरों के चिराग बुझ गए, तो कई महिलाओं की मांग का सिंदूर उजड़ गया। इसके बावजूद यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वाले डग्गामार,
ओवरलोड और ओवरहाइट वाहन आज भी सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं। इन्हें रोकने की जिम्मेदारी जिस विभाग पर है, वह पूरी तरह असफल दिखाई दे रहा है।
आरटीओ चेक पोस्ट के सामने से गुजर रहे नियम तोड़ते वाहन
किच्छा पुलभट्टा थाना क्षेत्र में यूपी–उत्तराखंड बॉर्डर पर स्थित सुतैया आरटीओ चेक पोस्ट के सामने से प्रतिदिन डग्गामार और ओवरहाइट वाहन गुजर रहे हैं। ई-रिक्शा और सवारी ऑटो किच्छा से यूपी के बहेड़ी तक क्षमता से कहीं अधिक सवारियां बैठाकर यात्रियों को मौत के सफर पर ले जा रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ चेक पोस्ट के ठीक सामने हो रहा है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खबरें प्रकाशित होने के बाद महज औपचारिक और दिखावटी कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है। सवाल यह है कि आखिर इन पर ठोस कार्रवाई कब होगी? क्या हाईवे पर आम लोग यूं ही हादसों का शिकार होते रहेंगे?
ओवरहाइट भूसी गाड़ियों से हो चुके हैं बड़े हादसे
हाल के दिनों में ओवरहाइट भूसी से लदी गाड़ियों के कारण दो बड़े सड़क हादसे सामने आए हैं।
पहला हादसा किच्छा पुलभट्टा थाना क्षेत्र के शंकर फार्म के पास हुआ, जहां भूसी से भरी गाड़ी और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में ट्रैक्टर के दो टुकड़े हो गए। विडियो भी देखे,
दूसरा हादसा बाजपुर क्षेत्र में हुआ, जहां भूसी से लदी गाड़ी एक वाहन पर पलट गई।
इन गंभीर घटनाओं के बावजूद प्रशासन और परिवहन विभाग की आंखें नहीं खुल पाईं। सवाल उठता है कि आखिर ओवरहाइट भूसी, बकास और लकड़ी से लदी गाड़ियों को रोकने में विभाग क्यों नाकाम है? क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है या फिर लापरवाही ही इसकी असली वजह है?
क्या ओवरहाइट वाहनों के लिए हैं अलग नियम?
किच्छा विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे इलाके में ओवरहाइट भूसी, बकास और लकड़ी से लदी गाड़ियां शहर और आसपास के क्षेत्रों से बेधड़क गुजर रही हैं। इन्हें देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो यातायात नियम इन वाहनों पर लागू ही नहीं होते। या फिर इनके लिए कोई अलग ही नियम बना दिए गए हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन नियम तोड़ते वाहनों पर लगाम कब लगेगी और आम जनता को सुरक्षित सड़कें कब नसीब होंगी?



