लोकायुक्त नहीं तो आंदोलन तय: राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी का सरकार को अल्टीमेटम
देहरादून। उत्तराखंड में सशक्त और स्वतंत्र लोकायुक्त के गठन की लंबित मांग को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (आरआरपी) ने गुरुवार को प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने तहसीलदार सुरेश सेमवाल के माध्यम से यह ज्ञापन मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रेषित किया।
ज्ञापन में पार्टी ने राज्य सरकार से चुनावी वादों को तत्काल पूरा करते हुए लोकायुक्त की नियुक्ति करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो पार्टी प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन शुरू करेगी।
लोकायुक्त आंदोलन के संयोजक परमानंद बलोदी ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने विभिन्न चुनावी घोषणा-पत्रों में सशक्त लोकायुक्त गठन का वादा किया था, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि माननीय हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों की भी अनदेखी की जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार से पीड़ित जनता में गहरा रोष और निराशा है।
सुमन राम बडोनी ने कहा कि लोकायुक्त के अभाव में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है, जबकि लोकायुक्त कार्यालय के नाम पर अनावश्यक खर्च कर जनता के करों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
ज्ञापन सौंपने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा,
“उत्तराखंड की जनता भ्रष्टाचार-मुक्त शासन चाहती है। लोकायुक्त का गठन न केवल संवैधानिक आवश्यकता है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार भी है। यदि सरकार अपने वादों पर खरी नहीं उतरती, तो पार्टी शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक आंदोलन करने को बाध्य होगी।”
ज्ञापन में लोकायुक्त को पूर्ण स्वतंत्रता, पर्याप्त अधिकार और संसाधन देने की मांग की गई है, ताकि भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
महानगर अध्यक्ष नवीन पंत ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसमें आमरण अनशन जैसे कड़े कदम भी शामिल हो सकते हैं।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में वर्ष 2013 से लोकायुक्त का पद रिक्त है, जिससे भ्रष्टाचार निरोधक व्यवस्था पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। आरआरपी का यह कदम राज्य में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को नई दिशा दे सकता है।
इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल, लोकायुक्त आंदोलन संयोजक परमानंद बलोदी, सुमन राम बडोनी, प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल, वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ अध्यक्ष योगेश ईष्टवाल, महानगर अध्यक्ष नवीन पंत, सैनिक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष भगवती प्रसाद गोस्वामी सहित मंजू रावत, सुशीला पटवाल, सुमन रावत, हेमा कोटनाला एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।



