बिग ब्रेकिंग: उत्तराखंड में मौसम का कहर, भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त। पांच जिलों में एवलांच अलर्ट

उत्तराखंड में मौसम का कहर, भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त। पांच जिलों में एवलांच अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में पिछले चार दिनों से बदला हुआ मौसम सोमवार देर रात अचानक और उग्र हो गया। राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी के चलते जनजीवन एक बार फिर अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है, जबकि पर्वतीय जिलों में बर्फबारी ने हालात और चुनौतीपूर्ण बना दिए हैं।

उत्तरकाशी समेत कई पहाड़ी जिलों में रात से ही मौसम खराब बना हुआ है। पहाड़ों पर बर्फ की मोटी परत जमने से सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं, वहीं मैदानी इलाकों में बारिश और ओलों ने आम जनजीवन प्रभावित किया है। सर्द हवाओं और गिरते तापमान ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।

चारों तरफ बर्फ ही बर्फ

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय सहित सभी तहसील क्षेत्रों में बारिश जारी है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों यमुनोत्री, गंगोत्री, हर्षिल, मुखबा, सुखी टॉप, राड़ी टॉप और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है।

भारी बर्फबारी के चलते तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। मौसम के इस बदले मिजाज ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है।

साथ ही पर्यटकों और शीतकालीन तीर्थयात्रियों के सामने भी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। रात में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से कई इलाकों में विजिबिलिटी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

सड़कों पर असर, प्रशासन अलर्ट

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सुखी टॉप से ऊपर भारी बर्फबारी के कारण बाधित हो गया था, जिसे बाद में बमुश्किल खोला गया। धरासू से सुखी टॉप तक यातायात फिलहाल सुचारू है। प्रशासन की ओर से लगातार बर्फ हटाने का काम किया जा रहा है।

सुखी टॉप से गंगोत्री की ओर जाने वाले मार्ग पर केवल 4×4 वाहनों को नॉन-स्किड चेन के साथ ही आवाजाही की अनुमति दी गई है। छोटे वाहनों और बिना चेन के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बर्फबारी का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। रानाचट्टी से जानकीचट्टी और राड़ी टॉप तक कई स्थानों पर मार्ग बाधित है। हालांकि, प्रशासन मार्गों को नियंत्रित तरीके से खोलने में जुटा हुआ है। उत्तरकाशी-घनसाली-तिलवाड़ा मोटर मार्ग फिलहाल खुला है।

बर्फ हटाने का काम युद्धस्तर पर

हर्षिल-मुखबा मोटर मार्ग एहतियातन बंद कर दिया गया है। फूलचट्टी-खरसाली मार्ग भारी बर्फबारी के चलते पूरी तरह अवरुद्ध है। गंगोत्री-धरासू मार्ग और एनएच-134 पर विभिन्न स्थानों पर स्नो क्लीयरेंस का कार्य जारी है। हनुमानचट्टी और राड़ी टॉप क्षेत्र में फिसलन कम करने के लिए चूने का छिड़काव किया गया है।

बिजली आपूर्ति प्रभावित

बर्फबारी और खराब मौसम का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। 33/11 केवी बर्नीगाड़ सब स्टेशन की आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लेकिन 33 केवी नैनबाग-बर्नीगाड़ लाइन में ब्रेकडाउन के चलते कुछ क्षेत्रों में बिजली बाधित है। 11 केवी जानकीचट्टी फीडर में भी खराबी के कारण स्यानाचट्टी से जानकीचट्टी तक बिजली गुल रही।

आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद विद्युत विभाग की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हैं और जल्द आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पर्यटन पर भी असर

ऊंचाई वाले इलाकों में पहुंचे कई पर्यटक खराब मौसम के कारण होटल और गेस्ट हाउस में रुके हुए हैं। कुछ स्थानों से पर्यटकों के फंसे होने की सूचनाएं भी मिली हैं। देहरादून के चकराता क्षेत्र में भी बर्फबारी के चलते पर्यटक रुके रहे।

देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैनात हैं। पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने और मौसम साफ होने तक आगे की यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

पांच जिलों में एवलॉन्च अलर्ट

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने डीजीआरई, चंडीगढ़ के हवाले से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में एवलॉन्च की चेतावनी जारी की है।

उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ को डेंजर लेवल-3, जबकि बागेश्वर को डेंजर लेवल-1 में रखा गया है। यह अलर्ट 28 जनवरी शाम 5 बजे से 29 जनवरी शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगा।

मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार, “पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से अगले कुछ घंटों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रह सकती है। तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।”

प्रशासन की अपील

प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। स्थानीय लोगों और यात्रियों से अपील की गई है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।