शिक्षा: DBUU में शिक्षकों के लिए सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों पर तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम संपन्न

DBUU में शिक्षकों के लिए सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों पर तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम संपन्न

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के तत्वावधान में सार्वभौमिक मानवीय मूल्य (Universal Human Values – UHV) विषय पर शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन 06 से 08 जनवरी तक सफलतापूर्वक किया गया।  इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों से जुड़े 65 शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की।

कार्यशाला के प्रथम दिन आत्म-समझ की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों ने आत्मचिंतन के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया कि जीवन का मूल उद्देश्य केवल भौतिक उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि सुख, शांति और सम्मान की अनुभूति है।

सत्र में यह स्पष्ट किया गया कि जीवन की अधिकांश समस्याओं की जड़ बाहरी परिस्थितियाँ नहीं, बल्कि हमारी अपनी समझ होती है और सही दृष्टिकोण से जीवन अधिक संतुलित बन सकता है।

द्वितीय दिन का सत्र रिश्तों की सही समझ पर केंद्रित रहा, जिसे AICTE द्वारा नामित रिसोर्स पर्सन डॉ. उपासना मिश्रा ने सरल और प्रभावशाली तर्कों के साथ प्रस्तुत किया।

प्रतिभागियों ने अनुभव साझा करते हुए स्वीकार किया कि रिश्ते अपेक्षाओं से नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और देखभाल से मजबूत होते हैं। इस सत्र ने शिक्षकों को रिश्तों को नए दृष्टिकोण से देखने की समझ प्रदान की।

कार्यशाला के तृतीय दिन समाज और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व पर विचार किया गया। सत्र में “मैं” से “हम” की भावना को अपनाने पर बल देते हुए यह संदेश दिया गया कि व्यक्ति समाज और प्रकृति से अलग नहीं है। प्रकृति के संसाधनों का संतुलित उपयोग और सामंजस्यपूर्ण जीवन ही सतत सुख का आधार है।

इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्देश्य शिक्षकों को सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों की मूलभूत समझ प्रदान करना था, ताकि वे शिक्षण के साथ-साथ व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में भी मूल्य-आधारित दृष्टिकोण अपना सकें। कार्यक्रम संवादात्मक और सहभागितामूलक रहा, जिसमें समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर सत्र और व्यावहारिक उदाहरण शामिल रहे।

शिक्षा में मानवीय मूल्यों की आवश्यकता पर जोर

समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष अमन बंसल ने कहा कि आज के समय में शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक है।

शिक्षक केवल ज्ञान का संप्रेषण नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय को UHV का एक उत्कृष्ट केंद्र बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

वहीं, कुलपति प्रो. डॉ. अजय कुमार ने कहा कि यह FDP केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मबोध और जीवन-दृष्टि विकसित करने की एक सार्थक पहल है।

कार्यक्रम के अंत में उप-कुलपति प्रो. डॉ. संदीप शर्मा ने सभी अतिथियों, रिसोर्स पर्सन, प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

रिसोर्स पर्सन और सहभागिता

इस कार्यक्रम में AICTE द्वारा नामित रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉ. मनीषा शुक्ला (लखनऊ विश्वविद्यालय), प्रो. के. डी. नारायण (जीबी पंत प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी संस्थान, पौड़ी) तथा डॉ. अनुराग विद्यार्थी (ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय) उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों में प्रो. मानवी चोपड़ा, प्रो. आशुवेंद्र सिंह तथा आईटी विभाग से श्री देवेंद्र पंवार शामिल रहे।

उल्लेखनीय है कि, देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में सार्वभौमिक मानवीय मूल्य (UHV) को तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए तीन क्रेडिट कोर्स के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।