रिजर्व फॉरेस्ट व नजूल भूमि से अवैध कब्जे हटे, कई संरचनाएँ ध्वस्त
उत्तराखंड में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई मंगलवार को बड़े पैमाने पर देखने को मिली।
नैनीताल जिले के रामनगर के पूछड़ी और पुछड़ी क्षेत्रों में रिजर्व फॉरेस्ट भूमि से अवैध कब्जे हटाने के दौरान 52 से अधिक निर्माणों को ध्वस्त किया गया, जबकि रुद्रपुर के खेड़ा ईदगाह क्षेत्र में 8 एकड़ नजूल भूमि पर बनाई गई अवैध चारदीवारी को तोड़ते हुए भूमि को कब्जे में लिया गया।
रामनगर में 52 संरचनाएँ ढहीं, 90 परिवारों पर कार्रवाई जारी
नैनीताल जिले के रामनगर के पुछड़ी और पूछड़ी क्षेत्रों में वन विभाग एवं प्रशासन ने तड़के बड़ी कार्रवाई शुरू की। सुबह 5:30 बजे प्रारंभ हुए ऑपरेशन में रिजर्व फॉरेस्ट की भूमि पर अवैध रूप से बने 52 ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया।
एडीएम विवेक राय ने बताया कि सभी अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे और सुनवाई के बाद ही निष्कासन की कार्रवाई की गई। पूरे क्षेत्र को 9 सेक्टरों में बांटा गया था और मजिस्ट्रेटों के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा।
कई परिवारों को अपने घर टूटते देख भावुक होते देखा गया। कुछ पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने भूमि 2–3 लाख में स्थानीय डॉक्टर और एक पत्रकार से खरीदी थी, जिन्होंने जमीन को वैध बताकर सौदा किया था। प्रशासन ने ऐसे मामलों की जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की बात कही है।
वन विभाग के अनुसार अपर कोसी क्षेत्र में कुल 170 परिवारों को बेदखली नोटिस दिया गया था। इनमें कुछ पहले ही खाली कर चुके हैं, जबकि 90 परिवारों पर आज कार्रवाई चल रही है। कई परिवार मवेशियों और सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिखे। पूरी कार्रवाई की ड्रोन और वीडियोग्राफी से निगरानी की गई।
रुद्रपुर में 8 एकड़ नजूल भूमि मुक्त, ईदगाह की आड़ में बनाए गए निर्माण जमींदोज
उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खेड़ा ईदगाह क्षेत्र में 8 एकड़ नजूल भूमि को मुक्त कराया। नगर निगम एवं जिला प्रशासन की टीम ने अवैध चारदीवारी को तोड़ते हुए भूमि पर कब्जा लिया और मौके पर बोर्ड लगा दिया।
सीओ, पुलिस टीम और PAC के साथ भारी सुरक्षा में यह अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान खेड़ा जाने वाली सड़क पर यातायात रोक दिया गया।
एडीएम कस्तुभ मिश्रा ने बताया कि यह भूमि मदरसा सोसाइटी के अवैध कब्जे में थी, जिसकी चारदीवारी आज ध्वस्त कर दी गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


