शीतलहर के कड़े प्रकोप की आशंका, आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट। जिलों को जारी किए निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में इस बार सर्दियां सामान्य से अधिक कठोर रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने जनवरी 2026 में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने और शीतलहर लंबे समय तक बने रहने की चेतावनी जारी की है।
ऐसे में आपदा प्रबंधन विभाग अब पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए।
कोल्ड वेव एक्शन प्लान बनाने के निर्देश
सचिव सुमन ने सभी जिलों को जल्द से जल्द कोल्ड वेव एक्शन प्लान तैयार कर यूएसडीएमए के साथ साझा करने को कहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जिलों को विशेष रूप से शीतलहर प्रबंधन हेतु धन उपलब्ध कराया गया है। किसी जिले को अतिरिक्त धन चाहिए तो उसकी मांग तुरंत स्वीकृत की जाएगी।
शीतकालीन यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रमुख प्राथमिकता
बैठक में कहा गया कि शीतकालीन यात्रा शुरू हो चुकी है, इसलिए यात्रियों को ठंड से राहत और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
- बर्फबारी से मार्ग बंद होने पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने की व्यवस्था
- सड़क और मौसम की स्थिति के अनुसार आगे बढ़ने की अनुमति
- आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं 24×7 अलर्ट
खाद्यान्न और ईंधन का फरवरी 2026 तक भंडारण
सचिव सुमन ने निर्देश दिया कि दुर्गम क्षेत्रों में फरवरी 2026 तक खाद्यान्न, पेयजल, ईंधन, गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक सुनिश्चित किया जाए, ताकि बर्फबारी या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में समस्या न आए।
गर्भवती महिलाओं का अलग डेटाबेस तैयार करने के निर्देश
जनवरी और फरवरी में प्रसव होने वाली गर्भवती महिलाओं की सूची बनाकर ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने को कहा गया जहां बर्फबारी से मार्ग अवरुद्ध हो जाते हैं। इन क्षेत्रों से महिलाओं को समय से अस्पताल या सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की विशेष योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
सड़क हादसों की रोकथाम। जेसीबी, स्नो कटर और टायर चेन की व्यवस्था
- बर्फबारी से बंद होने वाले मार्गों को चिह्नित कर वहां
- जेसीबी
- स्नो कटर
- टायर चेन
- चेतावनी संकेत
- चूना व नमक का छिड़काव
की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए।
शीतलहर से एक भी व्यक्ति की मृत्यु न हो। विशेष अभियान
सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि शीतलहर के कारण किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होनी चाहिए।
- बेघर और खुले में सोने वालों को रैन बसेरों में पहुंचाया जाए
- मजदूरों व गरीबों को खुले स्थान पर न सोने दिया जाए
- रात में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जाए
रैन बसेरों में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित
रैन बसेरों में सफाई, हीटर, पर्याप्त बिस्तर, गर्म पानी की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, महिला-पुरुषों के लिए पृथक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हर रैन बसेरे के लिए एक नोडल अधिकारी भी नामित करने को कहा गया है।
आमजन से अपील
यूएसडीएमए ने नागरिकों से नियमित मौसम अपडेट देखते रहने, बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों की विशेष देखभाल करने और अत्यधिक ठंड में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।



