बिग ब्रेकिंग: राहुल गांधी का आरोप। चुनाव आयोग बना ‘वोट चोरी’ का साझेदार

राहुल गांधी का आरोप। चुनाव आयोग बना ‘वोट चोरी’ का साझेदार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में सुनियोजित तरीके से लाखों वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। राहुल गांधी ने इसे “वोट चोरी” करार देते हुए सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदार ठहराया।

“संविधान की रक्षा करूंगा” – राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, “मैं अपने संविधान की रक्षा करूंगा। ये कोई हाइड्रोजन बम नहीं है, वो अभी आना बाकी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि दलित, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों को डिजिटल तरीके से टारगेट कर वोट काटे जा रहे हैं, जिससे प्रभावित मतदाताओं को भनक तक नहीं लगती।

कर्नाटक में गड़बड़ी का दावा

  • आलंद विधानसभा क्षेत्र में 6,018 वोट डिलीट किए गए।
  • सिर्फ 14 मिनट में 12 वोट हटाने का मामला।
  • कई फर्जी पते और बाहरी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल।

राहुल गांधी के मुताबिक यह “सॉफ्टवेयर आधारित घोटाला” है, जिसके जरिए खास समुदायों को निशाना बनाया गया।

CID की जांच और आयोग की चुप्पी

राहुल गांधी ने बताया कि कर्नाटक CID ने मार्च 2023 से चुनाव आयोग को 18 पत्र भेजे, लेकिन आयोग ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, “जांच को रोककर लोकतंत्र के हत्यारों को बचाया जा रहा है।”

मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला

राहुल गांधी ने कहा, “ज्ञानेश कुमार वोट चोरों को बचा रहे हैं। आज चुनाव आयोग लोकतंत्र की हत्या कर रहा है।”

चुनाव आयोग का पलटवार

आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को “गलत और बेबुनियाद” बताया। ECI का कहना है कि बिना नोटिस और प्रक्रिया के कोई वोट डिलीट नहीं होता। आयोग ने यह भी कहा कि 2023 में आलंद सीट पर कांग्रेस की जीत हुई थी, इसलिए वोट कटने के आरोप राजनीतिक रूप से भ्रामक हो सकते हैं।

‘हाइड्रोजन बम’ की चेतावनी

राहुल गांधी ने आयोग को एक हफ्ते का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर कर्नाटक CID को सबूत नहीं सौंपे गए तो इससे भी बड़ा खुलासा किया जाएगा।

अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग की अगली प्रतिक्रिया और CID की जांच पर टिकी हैं। यह विवाद केवल राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा है।