उत्तराखंड जिला पंचायत अध्यक्ष पदों पर आरक्षण की अनंतिम सूची जारी
- ट्रिपल टेस्ट पद्धति के तहत तय हुआ आरक्षण, ओबीसी की स्थिति का वैज्ञानिक विश्लेषण
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए अनंतिम आरक्षण सूची जारी कर दी है। हरिद्वार को छोड़कर सभी जिलों में यह आरक्षण सूची लागू होगी। इस बार आरक्षण प्रक्रिया में कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं।
आरक्षण निर्धारण संविधान के अनुच्छेद 243-D, उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम 2016 (संशोधित 2025) और आरक्षण नियमावली 2025 के प्रावधानों के अनुसार किया गया है। सबसे खास बात यह रही कि इस बार ट्रिपल टेस्ट पद्धति को पहली बार लागू किया गया है, जो उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में लाया गया बदलाव है।
क्या है ट्रिपल टेस्ट पद्धति?
यह एक वैज्ञानिक पद्धति है जिसके तहत पिछड़ा वर्ग (OBC) के सामाजिक, शैक्षिक और प्रशासनिक पिछड़ेपन की जांच की जाती है। इसके लिए सरकार ने एक एकल सदस्यीय आयोग का गठन किया था, जिसने पूरे राज्य में OBC वर्ग की स्थिति का मूल्यांकन कर रिपोर्ट सौंपी।
आपत्तियों की प्रक्रिया
यदि किसी को आरक्षण सूची से आपत्ति है, तो वह लिखित रूप में अपनी आपत्ति निर्धारित समयसीमा के भीतर सचिव, पंचायतीराज विभाग, देहरादून को भेज सकता है। मौखिक सुनवाई केवल विशेष परिस्थितियों में ही दी जाएगी।
यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा 11 जून 2025 को जारी शासनादेश के तहत लिया गया है। यह सूची अंतिम नहीं है। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों के आधार पर सरकार अंतिम आरक्षण सूची जारी करेगी, जिसके आधार पर जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव कराए जाएंगे।



