गजब: सड़क के बीचों-बीच खड़े बिजली के पोल हुए शासन-प्रशासन की नजर से ओझल

सड़क के बीचों-बीच खड़े बिजली के पोल हुए शासन-प्रशासन की नजर से ओझल

 

देहरादून। लगातार हो रहे हादसों से विभाग सबक लेने के बजाय लापरवाह बना हुआ है। कहीं छतों के ऊपर से बिजली की नंगी तारे जा रहीं है तो कहीं, बेतरतीब लटके तार खतरों को आमंत्रित कर रहें हैं। आइये देखते हैं विद्युत विभाग के कारनामें- सहस्त्रधारा क्रासिंग से रायपुर डील कार्यालय तक चौड़ीकरण होने से सड़क के किनारे खड़े बिजली के खंभे सड़क के बीच में आ गए है। इससे हमेशा दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।

बता दें कि, राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा क्रासिंग से रायपुर डील कार्यालय तक लोकनिर्माण विभाग ऋषिकेश द्वारा सड़क चौड़ीकरण का काम एक साल पूर्व ही किया गया है। सड़क चौड़ीकरण करने से कभी सड़क किनारे रहे बिजली के लगभग एक दर्जन पोल अब बीच सड़क में आ गए हैं। विभाग ने चौड़ीकरण कार्य खत्म कर दिया है लेकिन बिजली के पोल आज भी बीच सड़क में लगे हुए हैं। बीच सड़क में खड़े बिजली के पोल हादसों को दावत देते हुए नज़र आ रहे हैं। सड़क किनारे रह रहे लोगों की माने तो आये दिन कोई न कोई हादसा इन पोलों से होता रहता है।

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जब हमने इस संबंध में बिजली विभाग के आलाधिकारियों से बात की तो अधिकारियों का कहना है कि, लोक निर्माण विभाग ने पोल शिफ्टिंग में होने वाला खर्चा अभी विद्युत विभाग में जमा नही किया है। जब हमने लोक निर्माण विभाग ऋषिकेश के अधिकारियों से बात की तो उनका कहना है कि, विद्युत विभाग ने पोल शिफ्ट करने के लिए लोक निर्माण विभाग से 30 लाख रुपये मांगा है।

अधिकारियों का यह भी कहना है कि, पोल शिफ्टिंग में जो खर्चा विद्युत विभाग ने लोक निर्माण विभाग से मांगा है उसका एस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया है। जैसे ही शासन से पैसा आएगा लोक निर्माण विभाग द्वारा विद्युत विभाग को दे दिया जाएगा। बड़ा सवाल यह है कि, इन दो विभागों के बीच चल रही नूराकुश्ती कभी किसी की जान पर भारी न पड़ जाए।