नेशनल हैंडलूम एक्सपो में कर्नाटक की साड़ियां मोह रही महिलाओं का मन

नेशनल हैंडलूम एक्सपो में कर्नाटक की साड़ियां मोह रही महिलाओं का मन

 

देहरादून। दून नेशनल हैंडलूम एक्सपो में कर्नाटक की साड़ी की मची धूम है। एक्सपो में महिलाओं की भीड़ दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कर्नाटक की साड़िया लोगों को बहुत लुभा रही है। यहाँ पर सभी प्रकार की सिल्क साड़ियां भी उपस्थित है। इसके साथ ही सबसे खास बात यह है कि, यह सभी साड़िया हैंडमेड है। स्टॉल नंबर० 50 से सुनील थापा जो कर्नाटक से है। उन्होंने देहरादून में पहली बार स्टॉल लगाया है। उन्होंने वार्ता के दौरान बताया कि, इस एक्सपो में बहुत ही अच्छा रेस्पोंस मिला है।

सुनील ने यह भी बताया कि, दिन प्रतिदिन उनके स्टॉल पर बिक्री बढ़ती जा रही है। जिससे उन्हें बहुत फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि, अब हम हर साल देहरादून स्टॉल लगाएंगे। इसके साथ ही उनके पास कांजीवरम, उपड़ा, मैसूर सिल्क, इक्कत सिल्क, बैंगलोर सिल्क, मलबरी सिल्क, ट्रेडिशनल कांजीवरम, ब्रोकेट कांजीवरम उपलब्ध है। जो कि, एक हजार से लेकर एक लाख रु तक की कीमत में है। वही दूसरी तरफ स्टॉल नंबर 43 भी कर्नाटका का है।

इस स्टॉल से सौमिन करमाकर ने बताया कि, वह सभी साड़ियां खुद ही डिज़ाइन कर बनाते है, और वह इस मेले में 10 साल से स्टॉल लगा रहे है। उनकी कर्नाटक में स्वयं की फैक्ट्री है। जहां एक साड़ी को 6 वर्कर मिलकर दो महीने में बनाते है। उसके बाद ही यह साड़ी बहुत आकर्षित लगती है। बता दें कि, इस स्टॉल की खास बात यह है कि, यहाँ गधवल साड़ी, पैठानी साड़ी और सबसे सुंदर साड़ी कांजीवरम उपलब्ध है। जो 2 लाख तक की कीमत में मौजूद है।

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सौमिन ने बताया है कि, जो गोल्ड से जड़ी हुई कांजीवरम साड़ी है। जिसमें 14 कैरेट गोल्ड से 22 कैरट गोल्ड तक की कीमत की पोलिश की गई है। सोने एवं चांदी से जड़ी हुई साड़ी देखने में अत्यंत सुंदर है। लोगों को बहुत आकर्षित कर रही है। तीसरा स्टॉल गणेश सिल्क स्टॉल नंबर 124 है। वह भी कर्नाटक से है। इस स्टॉल में भी कर्नाटक की सभी सिल्क साड़ियां उपलब्ध है। मेले में कर्नाटक की सभी स्टालों पर बहुत ही भीड़ देखने को मिल रही है। और लोग बहुत ही प्रसन्न होकर ख़रीदारी कर रहे है।

आज दिनांक- 06/01/20 को मेले में निदेशक उद्योग सुधीर चंद्र नौटियाल ने सभी स्टालों का निरक्षण किया और मेला अधिकारी केसी चमोली को यह निर्देश दिया कि, बारिश का ध्यान रखते हुए बुनकरों के लिए और भी अच्छी व्यवस्था की जाए। जिससे उन्हें फ़ायदा हो और मेले की शोभा बनी रहे। इस अवसर पर उनके साथ अनुपम द्विवेदी, मतवर नेगी भी मौजूद थे।