गजब: सिंचाई विभाग की भूमि पर किया नगर निगम ने कब्जा

सिंचाई विभाग की भूमि पर किया नगर निगम ने कब्जा

 

– विभाग ने भेजा निगम को अतिक्रमण हटाओ नोटिस

देहरादून। नगर निगम के स्मार्ट वेंडिंग जोन को अब ज़ोर का झटका लगने जा रहा है। जिस स्मार्ट वैंडिंग जोन का देहरादून नगर निगम ने बड़े धूम-धाम से प्रदेश के मुख्या त्रिवेन्द्र सिंह रावत के हाथों उद्घाटन करवाया था, दरसल वह भूमि निगम की नहीं बल्कि सिंचाई विभाग की है जिस पर निगम ने कब्जा कर लिया, और तो और निगम को इसके व्यवसायिक इस्तेमाल भी नहीं इजाज़त थी। गौरतालब है कि, वेंडिंग ज़ोन शुरु होने के बाद नगर निगम ने सिंचाई विभाग से इस भूमि को इस्तेमाल करने की इजाज़त मांगी परन्तु सिंचाई विभाग ने इससे इनकार कर दिया।

बताते चलें कि, सिंचाई विभाग के अधिकारी ने बताया कि, निगम को व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए ज़मीन नहीं दी जा सकती। वेंडिंग ज़ोन को सिंचाई विभाग अतिक्रमण मानता है और पहले भी इसे हटाने के लिए नगर निगम को नोटिस जारी किया जा चुका है। इस बारे में पूछने पर सिंचाई विभाग के अधिकारी कहते हैं कि, हाईकोर्ट के आदेशों पर जैसे ही अतिक्रमण मामले में कार्रवाई शुरू होगी तो यह बाज़ार भी हटाया जाएगा।

यह भी बता दें कि, नगर निगम लंबे समय से शहर में स्मार्ट वेंडिंग ज़ोन बनाने के प्रयासों में जुटा हुआ था। इसके लिए शहर में विभिन्न स्थान चिन्हित किए जा रहे थे, इसी कड़ी में धर्मपुर से रायपुर को जाने वाली डायवर्ज़न रोड से सटी ६ नंबर पुलिया पर निगम ने एक ‘स्मार्ट वेंडिंग ज़ोन’ बनाया और उसका उद्घाटन दीपावली से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों करवा दिया।

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इस वेंडिंग ज़ोन के लिए सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया, सिंचाई विभाग को अपनी ज़मीन पर वेंडिंग ज़ोन बनाए जाने का पता लगा और उसके बाद विभाग ने नगर निगम को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस भी भेज दिया था, लेकिन नगर निगम ने मुख्यमंत्री के हाथों इस वेंडिंग ज़ोन का उद्घाटन करवा दिया तो फ़ाइल ठंडे बस्ते में चली गई। इस बीच संभवतः यह मानकर की मुख्यमंत्री के उद्घाटन किए जाने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इनकार करने की हिम्मत नहीं होगी, नगर निगम ने सिंचाई विभाग से एनओसी के लिए आवेदन कर दिया ताकि इस बाज़ार के अस्तित्व को कानूनी चुनौती न मिल सके।

लेकिन सिंचाई विभाग के देहरादून खंड के अधिशासी अभियंता डीके सिंह ने नगर आयुक्त विजय शंकर पांडे को पत्र भेजकर यह अनुमति देने से इनकार कर दिया है। डीके सिंह ने पत्र में लिखा है कि, सिंचाई विभाग को बगैर विश्वास में लिए उसकी ज़मीन पर वेंडिंग ज़ोन बनाने का निर्णय लिया गया। पत्र में कहा गया है कि उक्त स्थल पर सिंचाई विभाग की नहर राजपुर फीडर अभी चल रही है।

समय-समय पर नहर की सफ़ाई की जाती है। यह जानकारी पहले से ही नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों को थी लेकिन इसका संज्ञान नहीं लिया गया। इसलिए इस भूमि पर निर्माण असंवैधानिक है। सिंचाई विभाग ने 26 नवंबर को यह पत्र नगर-निगम को भेज दिया था, लेकिन इस मामले पर न तो नगर आयुक्त विनय शंकर पांडे कुछ बोल रहे हैं और न ही देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा।