Exclusive: टेंडर घोटाला प्रकरण में आपराधिक सांठ-गांठ की आशंका

टेंडर घोटाला प्रकरण में आपराधिक सांठ-गांठ की आशंका

 

– आयोग ने जताई थी आपराधिक सांठ-गांठ की आशंका
– मुख्य सचिव से की थी प्रकरण के जांच की सिफारिश
– उपसचिव को दिए थे पत्रावली अभिरक्षा में रखने के निर्देश

विकासनगर। निर्माण खंड लोनिवि देहरादून द्वारा विकासनगर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2017 में हुए टेंडर घोटाले को सूचना आयोग ने भी गंभीर माना था। मुख्य सूचना आयुक्त शत्रुघ्न सिंह ने मुख्य सचिव से प्रकरण के आपराधिक और विभागीय दोनों पहलुओं की जांच कराने का अनुरोध किया था, ताकि आपराधिक सांठ-गांठ पाए जाने पर क्रिमिनल प्रोसिडिंग प्रारंभ की जा सके।

लेकिन विभाग ने मात्र तत्कालीन अधिशासी अभियंता वाईएन राजवंशी को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मामले में आयोग ने उपसचिव को निर्देश दिए थे कि, प्रस्तुत अपीलार्थी की पत्रावली को वे अपनी अभिरक्षा में रखें, ताकि जांच एजेंसी द्वारा संपर्क किए जाने पर पत्रावली पर उपलब्ध अभिलेख एजेंसी को प्रदान की जा सके। आयोग ने जांच में एक ही अखबार के एक ही तिथि के देहरादून संस्करण की दो प्रतियों में भिन्नता पाई।

Advertisements

बताते चलें कि, आयोग ने यह भी आशंका जताई कि, प्रकरण में आपराधिक सांठ-गांठ भी हो सकती है। आयोग ने प्रकरण को अत्यंत गंभीर प्रवृत्ति का माना। इसकी गहराई से जांच की जानी आवश्यक बताई। मुख्य सचिव से अनुरोध किया कि, निविदा प्रकाशन के इस प्रकरण के आपराधिक व विभागीय दोनों पहलुओं की जांच करा लें, ताकि न केवल इस मामले में दोषी पाए गए सरकारी कर्मियों को विभागीय रूप से दंडित किया जा सके, बल्कि संबंधित कर्मचारियों के बीच आपराधिक सांठ-गांठ पाए जाने पर क्रिमिनल प्रोसिडिंग प्रारंभ की जा सके।

इस प्रकरण में लोनिवि के मुख्य अभियंता राजेंद्र गोयल का कहना है कि, जांच आख्या शासन को भेजी जा चुकी है, कार्रवाई को लेकर निर्णय शासन स्तर पर होना है।

 

कार्रवाई के लिए पीएम को पत्र लिखा

अपीलार्थी जनसंघर्ष मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा पिन्नी ने इस मामले में बताया कि, प्रकरण में अधिशासी अभियंता के साथ ही अधीनस्थ अधिकारी और ठेकेदार भी दोषी हैं, लेकिन मात्र ईई के खिलाफ कार्रवाई विचाराधीन। उन्होंने कहा कि, अन्य दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। पूरे प्रकरण में सरकार को भारी आरती क्षति पहुंचाई गई, जो कि एक अपराध है।