खुलासा: कमलेश तिवारी हत्याकांड, ATS की हिरासत में मौलाना

कमलेश तिवारी हत्याकांड: ATS की हिरासत में मौलाना

 

देहरादून। कमलेश तिवारी मर्डर केस में एटीएस ने बरेली से एक मौलाना को हिरासत में लिया है। मौलाना पर हत्यारोपियों की मदद का आरोप है। फिलहाल मौलाना को हिरासत में लेकर एटीएस लखनऊ रवाना हो गई है। लखनऊ में मौलाना से पूछताछ होगी। हिरासत में लिए गए मौलाना का नाम सैय्यद कैफी अली है, और वह दरगाह आला हजरत में मौलाना है।

 

 

कमलेश तिवारी की हत्या के बाद दोनों आरोपी अशफाक और मोहिउद्दीन लखनऊ से बरेली मौलाना से मिलने आए थे। सूत्रों के मुताबिक दोनों आरोपियों ने बरेली के एक अस्पताल में इलाज भी कराया था। एसआईटी हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के कातिलों के और करीब पहुंच गई है। अन्य एजेंसियों के साथ काम कर रहे स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक इनोवा कार भी जब्त की है। कमलेश के कातिलों ने लखीमपुर में पलिया से शाहजहांपुर तक जाने के लिए इसे बुक किया था। फिलहाल कार के ड्राइवर को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है।

 

 

सूत्रों के मुताबिक, ड्राइवर ने खुलासा किया है कि, कार को उसके मालिक के एक रिश्तेदार ने गुजरात से 5,000 रुपये में बुक किया था। कातिल इसी कार से लखीमपुर से शाहजहांपुर गए, जहां सोमवार को एक सीसीटीवी कैमरे में उन्हें बस स्टेशन की तरफ पैदल जाते हुए देखा गया था।

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एसआईटी ने सोमवार को दोनों की तलाश में कई होटलों, लॉज और मदरसों में छापेमारी की, लेकिन उन्हें नहीं पकड़ सकी। इसके अलावा आसपास के जिलों में भी तलाशी की जा रही है, और सभी आने-जाने वाले मार्गो पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। दोनों कातिलों पर 2.5-2.5 लाख रुपये का इनाम घोषित करने के अलावा पुलिस ने दोनों के स्केच भी जारी कर दिए हैं।

 

 

एसटीएफ के एक अधिकारी ने कहा कि, कातिल नेपाल भागने की कोशिश कर सकते हैं और हम उन्हें बाहर जाने से रोकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। वे अभी भी शाहजहांपुर में छिपे हो सकते हैं। पुलिस की एक टीम ने पीलीभीत जिला के शेरपुर गांव निवासी फिरोज (28) से भी पूछताछ की है। फिरोज का कथित रूप से तिवारी हत्याकांड के एक आरोपी राशिद से संबंध है। तिवारी की हत्या 18 अक्टूबर को लखनऊ में की गई थी।