क्लेमेंट टाउन कैंट में जमीनों पर खेल, क्षेत्रीय भूमाफिया बने गिद्ध

क्लेमेंट टाउन कैंट में जमीनों पर खेल, क्षेत्रीय भूमाफिया बने गिद्ध

 

देहरादून। क्लेमेंट टाउन कैंट बोर्ड के वार्ड नं 03 मैन पोस्ट ऑफिस रोड से लगती जमीन जो की शुरू से ही विवादों में थी। उक्त भूमि जितनी कागजों में दर्ज है, सूत्र के मुताबिक उससे कही अधिक भूमि विक्रेता पहले ही विक्रय चुका है। बावजूद इसके कैंट बोर्ड ने एक माह में लेआउट पास कर प्लाटिंग की इजाजत दे दी। जिसके बाद इसी भूमि की वजह से बोर्ड बेठेक में बीते कुछ माह पूर्व दो सभासदों की आपस में खूब मारपीट भी हुई थी। तभी से इस भूमि में विवाद बना हुआ था। जबकि विवाद पनपने का कारण भी उक्त भूमि ही बताई गई है।

हैरानी की बात है कि, अब कैंटबोर्ड की मिलीभगत से फिर से क्षेत्रीय भूमाफियाओं ने मिलकर भूमि की खरीद-फरोत शुरू कर दी है। विवादों से घिरी जमीन को खरीदने वाले लोग जिन्हें इस विवादित भूमि की जानकारी न होने की वजह से क्षेत्रीय कुछ भूमाफियाओं द्वारा ऐसे लोगों को अपने मक्कड़जाल में फंसाया जा रहा है।

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गौरतालब है कि, कैंटबोर्ड के नियमानुसार कोई भी व्यक्ति कैंटबोर्ड से एनओसी लिए बगैर कोई भी प्लाट या मकान कैंटबोर्ड के क्षेत्रान्तर्गत नही खरीद सकता। अब सवाल यह उठता है कि, उक्त विवादित भूमि जो कागजों में दर्ज ही नही है, उस भूमि को क्रय करने के लिए आखिर कौन उनको एनओसी दे रहा है। क्या कैंटबोर्ड की मिलीभगत से चल रहा है विवादित भूमि की खरीद-फरोत का कार्य?बताते चलें कि, क्लेमेंट टाउन कैंटबोर्ड में ही उक्त भूमि को लेकर विवाद शुरू हुआ था। तो क्या अब विवाद सुलझ गया है या नही? जो भूमि कल तक अवैध थी, वो आज कैसे वैध हो गई? इन सभी सवालों के जवाब ढूंढना अब जरूरी हो गया है। क्योंकि, किसी व्यक्ति की मेहनत की कमाई यूँ भूमाफियाओ द्वारा न लूट ली जाए।