जन समस्याओं के निदान के लिए एक्शन मोड़ में मुख्य सचिव। अधिकारियों को आदेश जारी

386

जन समस्याओं के निदान के लिए एक्शन मोड़ में मुख्य सचिव। अधिकारियों को आदेश जारी

देहरादून। प्रदेश में सुशासन के दृष्टिगत जनसंवाद एवं जन समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य सचिव डॉ एसएस संधु ने आयुक्त गढ़वाल एवं कुमाऊँ, समस्त जिलाधिकारियों, तहसील एवं विकास खण्ड अधिकारियों को जारी अपने आदेश में जन समस्याओं के समाधान की व्यवस्था सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी मण्डल, तहसील, विकास खण्ड स्तरीय कार्यालयों के कार्यालयाध्यक्षों द्वारा प्रतिदिन पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे तक जन सम्पर्क एवं जन समस्याओं के समाधान हेतु अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने पूर्वाह्न 10 से 12 बजे तक कोई अन्य बैठक नियत न किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि, अपरिहार्य कारणों से व्यक्तिगत उपलब्धता सम्भव ने होने की दशा में अन्य सक्षम प्राधिकारी की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जन सम्पर्क के दौरान भेंट करने वाले व्यक्तियों के प्रति यथोचित शिष्टाचार के साथ प्राप्त समस्याओं एवं विषयों को गम्भीरता से लेते हुए समयबद्धता एवं गुणवत्तापूर्वक निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव डॉ. संधु ने तहसील स्तर पर भी प्रत्येक माह प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को ‘तहसील दिवस‘ आयोजित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पूर्व में प्रचलित व्यवस्था, जो कि कोविड के कारण स्थगित हो गयी थी, को पुनः प्रारम्भ किए जाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने निर्देश दिए कि, तहसील दिवस के दौरान, उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी सहित अन्य रेखीय विभागों के तहसील स्तरीय सक्षम अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। तहसील दिवस के अवसर पर कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देशों को तत्काल अनुपालन सुनिश्चित किए जाने के साथ ही मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी द्वारा भेजी जाने वाली मासिक आख्या के साथ ही निर्देशित बिन्दुओं पर कार्यवाही एवं परिणाम भेजे जाने के निर्देश जारी किए हैं।

उन्होंने कहा कि समस्याओं के निराकरण में यदि समय लगना सम्भावित हो तो इस सम्बन्ध में सम्बन्धित विभाग अथवा प्राधिकारी को औचित्यपूर्ण न्यूनतम तिथि निर्दिष्ट करते हुए ऐसे विषय को निर्दिष्ट तिथि के उपरान्त पड़ने वाले तहसील दिवस में पुनर्विचार एवं समीक्षा हेतु प्रस्तुत किया जाए।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को भी रेंडम आधार पर तहसील दिवसों पर प्रतिभाग करते हुए कार्यकलापों को पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण किया जाए। स्थानीय स्तर पर नीतिगत बिन्दुओं में मार्गदर्शन अपेक्षित होने पर सम्बन्धित अधिकारी को शीघ्र-अतिशीघ्र प्रेषित किया जाए।

Previous articleअब पौड़ी, कोटद्वार, श्रीनगर और लैंसडौन में भी होगी राष्ट्रीय लोक अदालत
Next articleमुख्यमंत्री ने किया कोविड टीकाकरण कैंप का निरीक्षण। स्वास्थ्य कर्मियों का बढ़ाया होंसला