सूचना के अधिकार की आड़ में वसूली? सहायक अभियंता से दो लाख मांगने की शिकायत
देहरादून। सूचना का अधिकार (RTI) कानून को पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है, लेकिन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इसी कानून के नाम पर कथित वसूली का मामला सामने आया है।
सिंचाई विभाग के एक सहायक अभियंता ने देहरादून निवासी एक व्यक्ति पर RTI आवेदन के जरिए दबाव बनाने और दो लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है। मामले में अधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
RTI आवेदन में मांगी विभागीय फाइलें
शिकायत के मुताबिक, मामला सिंचाई खंड नई टिहरी के उपखंड धनसाली में तैनात सहायक अभियंता सुरेश पाल से जुड़ा है।
आरोप है कि देहरादून निवासी आशीष शर्मा उर्फ भानू ने RTI के तहत विभाग से बड़ी संख्या में अभिलेख और फाइलों से संबंधित सूचनाएं मांगी थीं। आवेदन में उसने स्वयं को बेरोजगार बताते हुए निःशुल्क सूचना उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया था।
सहायक अभियंता के अनुसार, आवेदन में दिए गए पते को लेकर संदेह होने पर वह अपने एक साथी के साथ संबंधित पते पर पहुंचे। उनका दावा है कि मौके पर उन्हें आवेदन में दर्शाई गई स्थिति और वास्तविक परिस्थितियों में अंतर नजर आया।
पूछताछ में अलग-अलग जानकारी देने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि जब अधिकारी ने आवेदनकर्ता से उसके रोजगार और RTI आवेदन के संबंध में जानकारी मांगी, तो उसने कथित तौर पर अलग-अलग जवाब दिए।
अधिकारी का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने कभी एक कंपनी में तो कभी फाइनेंस कंपनी में काम करने की बात कही। आवेदन पर किए गए हस्ताक्षर और उसमें दर्ज मोबाइल नंबर को लेकर भी संदेह जताया गया है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
होटल के पास बुलाकर दो लाख रुपये मांगने का दावा
सहायक अभियंता की शिकायत के अनुसार, 25 सितंबर की शाम उन्हें देहरादून में जनरल महादेव सिंह रोड स्थित सैफ्रोन लीफ होटल के पास बुलाया गया। आरोप है कि शाम करीब छह बजे आशीष शर्मा अपने एक साथी के साथ क्रीम रंग की एक्टिवा से वहां पहुंचा।
शिकायतकर्ता का दावा है कि बातचीत के दौरान संबंधित व्यक्ति ने दिल्ली में मीडिया से जुड़े एक व्यक्ति से बात होने का हवाला दिया। इसके बाद उसने एक कागज पर अंग्रेजी में दो लाख रुपये की मांग लिखकर दिखाई।
आरोप है कि जब सहायक अभियंता ने इस मांग पर आपत्ति जताई, तो उन्हें धमकी भरे अंदाज में जवाब दिया गया। शिकायत के मुताबिक, दोनों व्यक्ति शाम करीब 6:34 बजे मौके से चले गए।
SSP से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के संबंध में सहायक अभियंता सुरेश पाल ने SSP देहरादून को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत की प्रति पटेल नगर थाने को भी भेजे जाने की बात कही गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि RTI कानून की आड़ में दबाव बनाकर धन की मांग करने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सूचना का अधिकार कानून की विश्वसनीयता बनी रहे और इसके दुरुपयोग की आशंका पर अंकुश लगाया जा सके।
RTI की पारदर्शिता और कथित दुरुपयोग के बीच सवाल
सूचना का अधिकार अधिनियम आम नागरिकों को सरकारी कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जवाबदेही तय करने का अधिकार देता है। ऐसे में यदि इस कानून की आड़ में किसी को धमकाने या अवैध रूप से धन मांगने के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है।
हालांकि, RTI के तहत सूचना मांगना अपने आप में किसी गलत मंशा का प्रमाण नहीं है। इस मामले में लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल शिकायत के आधार पर पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।




