कहीं मौत, कहीं लापरवाही तो कहीं फर्जीवाड़ा समेत कई बड़ी खबरें, एक क्लिक में पढ़ें….
देहरादून। उत्तराखंड में अलग-अलग घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था, निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।
नैनीताल जिले के भीमताल स्थित मेहरागांव में रिटेनिंग वॉल निर्माण के दौरान मलबा गिरने से दो श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। पौड़ी जिले के गुमखाल-द्वारीखाल मार्ग पर कार खाई में गिरने से चार लोग घायल हो गए।
वहीं, हल्द्वानी में दुष्कर्म के मामले में बाल संप्रेक्षण गृह में बंद किशोर अस्पताल से फरार हो गया। देहरादून में एक महिला न्यायिक अधिकारी ने रैपिडो चालक पर अभद्रता, धमकी और अपहरण की कोशिश के आरोप लगाए हैं।
इसके अलावा हरिद्वार में होमगार्ड भर्ती के दौरान 20 से अधिक अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाण पत्र संदिग्ध मिले, दो मासूम बच्चियां अलग-अलग स्थानों पर लावारिस हालत में मिलीं और बिजली चोरी के खिलाफ अभियान में 18 घरों में अनियमितता पकड़ी गई।
मेहरागांव में मलबे की चपेट में आए मजदूर, दो की मौत
नैनीताल जिले के भीमताल क्षेत्र के मेहरागांव में 22 अक्टूबर को रिटेनिंग वॉल निर्माण के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। दीवार का बेस तैयार कर रहे श्रमिकों के ऊपर अचानक पहाड़ी से मलबा गिर गया।
हादसे में गौरी देवी (38) और हरीश थापा (18) की मौत हो गई, जबकि नेत्र बहादुर उर्फ संजू घायल हो गए। तीनों श्रमिक मूल रूप से नेपाल के राजापुर के निवासी बताए गए हैं।
सूचना मिलने पर भीमताल पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायल श्रमिक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े मालिक और ठेकेदार के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में आक्रोश देखने को मिला। पुलिस निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों और हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
हल्द्वानी में अस्पताल से फरार हुआ दुष्कर्म का आरोपी किशोर
हल्द्वानी के सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया दुष्कर्म का आरोपी किशोर सुरक्षा गार्द को चकमा देकर फरार हो गया।
बनभूलपुरा क्षेत्र की एक किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने करीब एक महीने पहले 16 वर्षीय किशोर को गिरफ्तार किया था। जुवेनाइल कोर्ट के आदेश पर उसे बाल संप्रेक्षण गृह में रखा गया था।
22 अक्टूबर को तबीयत खराब होने की शिकायत पर उसे सुरक्षा गार्द की निगरानी में अस्पताल लाया गया। दोपहर करीब एक बजे टॉयलेट जाने की बात कहकर वह अस्पताल की खिड़की से कूदकर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही परिजनों और करीबियों से पूछताछ कर रही है। क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। एसपी सिटी हरबंस सिंह के अनुसार, किशोर की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
देहरादून में महिला जज से अभद्रता और अपहरण की कोशिश का आरोप
राजधानी देहरादून में एक महिला न्यायिक अधिकारी ने रैपिडो चालक पर अभद्रता करने, धमकी देने और अपहरण की कोशिश का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, महिला अधिकारी ने 21 अक्टूबर की शाम जजेज कॉलोनी से मालदेवता के पास सौड़ा सरोली जाने के लिए राइड बुक की थी।
आरोप है कि राइड शुरू होने के बाद चालक ने तय किराये से दोगुनी रकम मांगी। विरोध करने पर वह महिला अधिकारी को सुनसान और अंधेरी गली में ले गया। महिला अधिकारी ने अपने कोर्ट मोहर्रिर को फोन कर स्थिति की जानकारी दी और रैपिडो पर भी शिकायत की।
महिला अधिकारी का आरोप है कि चालक ने उन्हें धमकाया और पुलिस में अपनी अच्छी जान-पहचान होने की बात कही। बाद में जजेज कॉलोनी के बाहर भी उसने हंगामा किया और सुरक्षा गार्ड से विवाद किया।
शिकायत के आधार पर डालनवाला पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की पांच धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। ये आरोप शिकायत में लगाए गए हैं और मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है।
हरिद्वार में होमगार्ड भर्ती के दौरान 20 से अधिक प्रमाण पत्र संदिग्ध
हरिद्वार जिले में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान शैक्षिक प्रमाण पत्रों में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। दस्तावेजों के सत्यापन में 20 से अधिक अभ्यर्थियों के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों ने भर्ती में अतिरिक्त अंक हासिल करने के लिए कंप्यूटर और एआई की मदद से कथित तौर पर कूटरचित प्रमाण पत्र तैयार किए थे।
हरिद्वार में होमगार्ड के 227 पदों के लिए करीब 11 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। सत्यापन के दौरान दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। मंडलीय कमांडेंट गौतम कुमार के अनुसार, मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरिद्वार में दो मासूम बच्चियां लावारिस मिलीं
धर्मनगरी हरिद्वार में दो अलग-अलग स्थानों पर मासूम बच्चियों के लावारिस हालत में मिलने से चिंता बढ़ गई है। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में भगत सिंह चौक के पास कूड़े के ढेर से करीब सात दिन की नवजात बच्ची मिली। वहीं, नगर कोतवाली क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस के पास करीब एक साल की दूसरी बच्ची लावारिस हालत में मिली।
स्थानीय लोगों ने नवजात के रोने की आवाज सुनकर पुलिस को सूचना दी। समाजसेवी वंदना गुप्ता ने बच्ची को उठाकर उसके संरक्षण में मदद की। पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने बच्चियों को अपने संरक्षण में लेकर अस्पताल पहुंचाया।
नवजात का जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है, जबकि दूसरी बच्ची की मेडिकल जांच और देखभाल की व्यवस्था की गई है।
एसपी सिटी दीपक सिंह के अनुसार, दोनों मामलों की जांच की जा रही है। नवजात बच्ची के मिलने वाले स्थान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस दोनों बच्चियों के परिजनों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
गुमखाल-द्वारीखाल मार्ग पर कार खाई में गिरी, चार घायल
पौड़ी जिले के लैंसडौन थाना क्षेत्र में गुमखाल-द्वारीखाल मार्ग पर मथगांव के पास एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। हादसे के समय वाहन में चार लोग सवार थे। दुर्घटना में सभी घायल हो गए, हालांकि उनकी हालत सामान्य बताई गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार गुमखाल से द्वारीखाल की ओर जा रही थी। मथगांव के पास अचानक स्टीयरिंग लॉक होने से चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और कार सड़क के बाईं ओर खाई में गिर गई।
सूचना पर लैंसडौन थाने और गुमखाल चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से चारों घायलों को बाहर निकालकर गुमखाल स्थित बंगाली चिकित्सालय पहुंचाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद सभी को कोटद्वार स्थित उनके घर भेज दिया गया। घायलों की पहचान गिरीश चंद्र और सुरेश कंडवाल निवासी सत्तीचौड़, संतोष ध्यानी निवासी देवरामपुर तथा प्रमोद कुमार निवासी लालपुर, कोटद्वार के रूप में हुई है।
जगजीतपुर में बिजली चोरी के 18 मामले पकड़े, 10 कनेक्शन काटे
हरिद्वार के जगजीतपुर क्षेत्र में ऊर्जा निगम और देहरादून विजिलेंस की संयुक्त टीम ने बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाया। गाड़ोवाली, बहादरपुर जट्ट और इक्कड़ गांव में छापेमारी के दौरान 18 घरों में विद्युत लाइन पर कटिया डालकर बिजली का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया।
मुख्य अभियंता मोहित जोशी के निर्देश पर एसडीओ अमित तोमर के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान बिजली चोरी के सभी 18 मामलों में संबंधित थानों में मुकदमे दर्ज कराए गए। विभाग ने आरोपियों के खिलाफ जुर्माने की प्रक्रिया भी शुरू की है।
अभियान के दौरान लंबे समय से बिजली बिल जमा नहीं करने वाले 10 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए। इसके अलावा करीब पांच लाख रुपये के बकाया राजस्व की वसूली की गई।
अधिशासी अभियंता रवि कुमार के अनुसार, बिजली चोरी रोकने और बकाया राजस्व वसूलने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सुरक्षा और जवाबदेही पर उठे सवाल
उत्तराखंड में एक ही दिन सामने आई इन घटनाओं ने अलग-अलग स्तरों पर व्यवस्थाओं की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। निर्माण स्थल पर मलबा गिरने से दो श्रमिकों की मौत ने मजदूरों की सुरक्षा के इंतजामों की जांच जरूरी बना दी है।
अस्पताल से आरोपी किशोर के फरार होने की घटना ने सुरक्षा निगरानी पर सवाल उठाए हैं, जबकि महिला न्यायिक अधिकारी की शिकायत ने सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा सामने रखा है।
वहीं, भर्ती प्रक्रिया में संदिग्ध प्रमाण पत्रों का मामला दस्तावेज सत्यापन की मजबूती और तकनीक के दुरुपयोग को रोकने की जरूरत दर्शाता है। बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई और लावारिस मिली बच्चियों के मामलों में पुलिस एवं संबंधित विभागों की जांच के नतीजों पर भी नजर रहेगी।



