रामपुर तिराहा शहीदों को श्रद्धांजलि, गैरसैंण में काला दिवस मनाकर सरकार को चेतावनी

रामपुर तिराहा शहीदों को श्रद्धांजलि, गैरसैंण में काला दिवस मनाकर सरकार को चेतावनी

देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलन की सबसे दर्दनाक घटनाओं में शामिल रामपुर तिराहा गोलीकांड की बरसी पर शुक्रवार को पूरे प्रदेश में शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी गई।

एक ओर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्मारक पहुंचकर शहीदों को नमन किया।

वहीं दूसरी ओर प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विभिन्न संगठनों ने काला दिवस मनाते हुए गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा शहीद स्मारक पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुष्पचक्र अर्पित कर राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान को याद किया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों के संघर्ष, बलिदान और मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका के कारण संभव हो सका। सरकार शहीदों की आशाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण, समान नागरिक संहिता लागू करने जैसे फैसले और नकल विरोधी कानून जैसे कदम राज्यहित में उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।

उधर, गैरसैंण में स्थायी राजधानी संघर्ष समिति, राजधानी गैरसैंण समिति, कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल समेत विभिन्न संगठनों ने रामपुर तिराहा गोलीकांड के शहीदों की स्मृति में काला दिवस मनाया।

रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और दो मिनट का मौन रखा गया।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने गांधी जयंती पर “रघुपति राघव राजा राम” भजन गाते हुए गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग दोहराई। बाद में रामलीला मैदान से नगर पंचायत कार्यालय और मुख्य चौराहे तक रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

स्थायी राजधानी संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट ने कहा कि गैरसैंण से उठ रही यह आवाज जल्द ही देहरादून तक पहुंचेगी। उन्होंने सरकार से राजधानी के मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी का राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ सकता है।

राजधानी गैरसैंण समिति के संयोजक एवं पूर्व आईएएस अधिकारी विनोद प्रसाद रतूड़ी ने बताया कि स्थायी राजधानी की मांग को लेकर 18 अक्टूबर से हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा, जिसके लिए 31 अक्टूबर तक की रणनीति तैयार कर ली गई है।

वहीं यूकेडी युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशुतोष नेगी ने कहा कि 2 अक्टूबर उत्तराखंड के लिए शोक का दिन है। उन्होंने रामपुर तिराहा कांड को राज्य आंदोलन के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए शहीद आंदोलनकारियों के बलिदान को याद किया।

रामपुर तिराहा गोलीकांड की बरसी पर आयोजित कार्यक्रमों ने एक बार फिर राज्य आंदोलन की स्मृतियों को ताजा कर दिया।

जहां सरकार शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने का संकल्प दोहरा रही है, वहीं गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग भी नए सिरे से मुखर होती दिखाई दी।