राजनीति: कहीं ABVP का परचम, कहीं NSUI की जीत, नैनीताल में निर्दलीय भानु ने मारी बाजी

कहीं ABVP का परचम, कहीं NSUI की जीत, नैनीताल में निर्दलीय भानु ने मारी बाजी

देहरादून। उत्तराखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में हुए छात्रसंघ चुनावों के परिणाम घोषित हो गए हैं। प्रदेश भर में कहीं एबीवीपी ने अपना दबदबा कायम रखा तो कई परिसरों में एनएसयूआई और निर्दलीय प्रत्याशियों ने शानदार प्रदर्शन किया।

सबसे अधिक चर्चा नैनीताल स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर की रही, जहां निर्दलीय प्रत्याशी भानु प्रताप चौहान ने अध्यक्ष पद पर बड़ी जीत दर्ज की। उनकी जीत के साथ उनकी मां और हल्द्वानी नगर निगम की पार्षद बीना चौहान भी सुर्खियों में आ गई हैं।

डीएसबी परिसर छात्रसंघ चुनाव में भानु प्रताप चौहान ने 1355 मत हासिल कर एबीवीपी प्रत्याशी शुभम कुमार को 482 मतों से पराजित किया।

खास बात यह रही कि बेटे के चुनाव अभियान को मजबूत करने के लिए बीना चौहान ने इसी वर्ष राजनीति विज्ञान में प्रवेश लिया और चुनावी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।

चुनाव प्रचार से लेकर रणनीति तक वह लगातार बेटे के साथ नजर आईं। जीत के बाद परिसर में मां-बेटे की यह जोड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है।

जीत के बाद भानु प्रताप ने परिसर में फ्री वाई-फाई, लाइब्रेरी में पर्याप्त पुस्तकों की उपलब्धता और पेयजल जैसी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। वहीं बीना चौहान ने कहा कि भानु की जीत ने उन लोगों को जवाब दिया है जो उन्हें बाहरी बता रहे थे।

प्रदेश के अन्य प्रमुख परिसरों में भी रोचक मुकाबले देखने को मिले। देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में एबीवीपी के नवदीप राणा अध्यक्ष चुने गए, जबकि डीबीएस कॉलेज में एनएसयूआई के अभिनव कफलिया ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।

डोईवाला पीजी कॉलेज में यूएसएफ के मोहित ममगाईं ने बड़ा उलटफेर करते हुए अध्यक्ष पद जीता।

अल्मोड़ा के एसएसजे परिसर में एबीवीपी के रोहित सिंह कुमाल्टा ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की, जबकि पिथौरागढ़ के एलएसएम परिसर में

एनएसयूआई के लवराज वर्मा अध्यक्ष निर्वाचित हुए। गोपेश्वर महाविद्यालय में एनएसयूआई ने अधिकांश प्रमुख पदों पर कब्जा जमाया, जबकि जोशीमठ और लोहाघाट महाविद्यालयों में एबीवीपी का दबदबा देखने को मिला।

टिहरी के पीजी कॉलेज में चुनाव परिणाम के बाद दो छात्र गुटों के बीच झड़प भी हुई, जिसमें एक छात्र घायल हो गया। वहीं नरेंद्रनगर, कर्णप्रयाग और बालगंगा महाविद्यालय में एनएसयूआई ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की।

छात्रसंघ चुनाव परिणामों ने एक बार फिर प्रदेश की छात्र राजनीति में बहुकोणीय मुकाबले की तस्वीर पेश की है। कई परिसरों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने स्थापित छात्र संगठनों को चुनौती देते हुए जीत दर्ज की, जबकि एबीवीपी और एनएसयूआई ने अपने-अपने मजबूत गढ़ों में प्रभाव बनाए रखा।