राजनीति: उत्तराखंड में चुनावी सरगर्मी तेज। कांग्रेस ने गिनाई BJP की नाराजगी, भाजपा ने बदली चुनावी रणनीति

उत्तराखंड में चुनावी सरगर्मी तेज। कांग्रेस ने गिनाई BJP की नाराजगी, भाजपा ने बदली चुनावी रणनीति

देहरादून। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक ओर कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने दावा किया है कि भाजपा के कई विधायक अपनी ही सरकार से नाराज हैं।

वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी तैयारियों को धार देते हुए संगठन में नया ‘ट्रिपल लेयर सिस्टम’ लागू कर दिया है। दोनों घटनाक्रमों ने प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दे दी है।

बदरीनाथ से कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने दावा किया कि गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा के 8 से 9 विधायक उनसे मिले और अपनी ही सरकार के कामकाज पर नाराजगी जताई।

बुटोला के अनुसार इन विधायकों ने उनसे सरकार के खिलाफ मुखर होकर बोलने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के कई जनप्रतिनिधियों की भी सरकार में सुनवाई नहीं हो रही और उनके फोन तक नहीं उठाए जा रहे। उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का भी आरोप लगाया।

इधर, भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए ‘ट्रिपल लेयर सिस्टम’ लागू किया है। इस नई व्यवस्था में पहली बार विधानसभा स्तर पर भी कोर ग्रुप बनाए गए हैं।

इसके अलावा जिला और प्रदेश स्तर पर अलग-अलग कोर ग्रुप चुनावी रणनीति, संगठनात्मक गतिविधियों और उम्मीदवार चयन से जुड़े फीडबैक पर काम करेंगे।

भाजपा के अनुसार विधानसभा स्तर के कोर ग्रुप स्थानीय राजनीतिक समीकरणों, कार्यकर्ताओं की राय और बूथ स्तर की जानकारी जुटाकर जिला और प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाएंगे।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि 2027 चुनाव के लिए प्रत्याशियों का चयन विधानसभा, जिला और प्रदेश स्तर से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर किया जाएगा, जिससे स्थानीय कार्यकर्ताओं की भागीदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

भाजपा की इस नई रणनीति पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि यदि टिकट के दावेदार ही कोर ग्रुप में शामिल होंगे तो निष्पक्ष फीडबैक और पारदर्शी टिकट वितरण कैसे संभव होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कई विधानसभा क्षेत्रों में गुटबाजी और अंदरूनी कलह से जूझ रही है और यह व्यवस्था केवल उसे छिपाने का प्रयास है।

वहीं भाजपा प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा में समितियां बनाने की परंपरा पहले से रही है। इस बार केवल उसे अधिक व्यवस्थित रूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित संगठन है और चुनावी रणनीति लोकतांत्रिक तरीके से तैयार की जाती है।

प्रदेश की राजनीति में एक ओर कांग्रेस भाजपा सरकार के भीतर असंतोष का दावा कर रही है, तो दूसरी ओर भाजपा संगठन को बूथ से प्रदेश स्तर तक नए ढांचे में मजबूत कर चुनावी तैयारियों को धार देने में जुटी है।

ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड का राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता नजर आ रहा है।