क्राइम अपडेट: रिश्वतकांड, भूमि घोटाला, दुष्कर्म मामले और जनसुरक्षा जैसी कई बड़ी खबरें, एक क्लिक में पढ़ें….

रिश्वतकांड, भूमि घोटाला, दुष्कर्म मामले और जनसुरक्षा जैसी कई बड़ी खबरें, एक क्लिक में पढ़ें….

– ब्यूरो रिपोर्ट
देहरादून। उत्तराखंड में शुक्रवार और शनिवार को भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और जनसुरक्षा से जुड़े कई मामलों ने सुर्खियां बटोरीं। एक ओर रुड़की तहसील में विजिलेंस की कार्रवाई ने सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े किए।

वहीं हरिद्वार भूमि खरीद घोटाले में सरकार की सख्ती ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को और मजबूत संदेश दिया।

रुड़की तहसील में विजिलेंस टीम ने तहसीलदार के पेशकार संदीप को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क की जांच की मांग उठाई।अधिवक्ताओं का कहना था कि कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

उधर, हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद घोटाले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा प्रशासनिक और कानूनी एक्शन लेते हुए तत्कालीन नगर आयुक्त की बर्खास्तगी की संस्तुति की है, जबकि तत्कालीन जिलाधिकारी के खिलाफ मेजर पनिशमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में 10 लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मंजूरी भी दे दी गई है।

धार्मिक नगरी ऋषिकेश से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा। वायरल वीडियो में तीन पर्यटक गंगा नदी के बीच बैठकर शराब का सेवन करते दिखाई दिए। स्थानीय युवाओं ने मौके पर पहुंचकर पर्यटकों का विरोध किया और गंगा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता का सम्मान करने की अपील की।

देहरादून के झंडा मोहल्ला में 14 वर्षीय किशोरी से कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी किशोर को बाल संरक्षण गृह भेज दिया है। वहीं घटना के विरोध में हुई तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में चार नामजद समेत 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है।

हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी सीताराम उर्फ रामदास को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पीड़िता को सात लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए हैं।

रुद्रप्रयाग जिले के जखोली विकासखंड में बजीरा-जखोली मोटर मार्ग पर एक वाहन करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिर गया। हादसे में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन, पुलिस और डीडीआरएफ की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

चमोली जिले के थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास कथित तौर पर जली हुई सरकारी दवाइयों का जखीरा मिलने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

इसी बीच थराली बाजार में उपखनिज से लदे भारी डंपरों की लगातार आवाजाही भी स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य बाजार और पुल से एक साथ कई भारी वाहन गुजरने से किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से भारी वाहनों के लिए समय निर्धारित करने और पुल की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

इन घटनाओं ने एक बार फिर उत्तराखंड में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और जनसुरक्षा जैसे मुद्दों को केंद्र में ला दिया है। अब लोगों की नजर सरकार और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।