बिग ब्रेकिंग: उत्तराखंड में बदला मौसम, कहीं राहत की बारिश तो कहीं आफत की आंधी। अलर्ट जारी

उत्तराखंड में बदला मौसम, कहीं राहत की बारिश तो कहीं आफत की आंधी। अलर्ट जारी

देहरादून। उत्तराखंड में पिछले 48 घंटों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान से जूझ रहे लोगों को जहां बारिश और तेज हवाओं ने बड़ी राहत दी है, वहीं कई स्थानों पर आंधी-तूफान ने नुकसान भी पहुंचाया है।

शनिवार शाम राजधानी देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी समेत गढ़वाल मंडल के कई जिलों और कुमाऊं के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।

राजधानी देहरादून में सुबह मौसम सामान्य बना रहा। आसमान में हल्के बादलों के बीच धूप भी खिली रही, लेकिन शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के चलते प्रदेश में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों के दौरान हुई बारिश और तेज हवाओं का असर तापमान पर साफ दिखाई दिया है। देहरादून में अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई है।

हालांकि मौसम की यह राहत कई जगह आफत बनकर भी सामने आई। हरिद्वार में अचानक आए आंधी-तूफान ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। हरिद्वार और देहरादून के बीच मोतीचूर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर एक विशालकाय पेड़ गिर गया।

गनीमत रही कि उस समय ट्रैक पर कोई ट्रेन नहीं गुजर रही थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। पेड़ गिरने से बिजली की तारें टूट गईं और रेल यातायात प्रभावित हो गया। देहरादून-हरिद्वार रेलखंड पर कई ट्रेनें देरी से चलीं।

सूचना मिलने पर रेलवे, आरपीएफ और जीआरपी की टीमों ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक से पेड़ हटाने और विद्युत लाइन बहाल करने का कार्य शुरू किया।

हरिद्वार के प्रसिद्ध हरकी पैड़ी क्षेत्र में भी तेज हवाओं का असर देखने को मिला। यहां बाजार क्षेत्र में एक होटल के शीशे टूटकर नीचे गिर गए, जिससे वहां से गुजर रहा एक यात्री घायल हो गया।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल पहुंचाया और क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए बैरिकेडिंग कर दी। हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी संजीत कंडारी ने बताया कि लोगों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और प्रभावित स्थान पर पुलिसकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

आंधी-तूफान का असर हरिद्वार के राज विहार फेज-2 क्षेत्र में भी देखने को मिला, जहां डिवाइन लाइट स्कूल के समीप एक विशाल पेड़ गिर गया।

पेड़ की चपेट में आने से दो विद्युत पोल टूट गए, जिससे आसपास के क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और मार्ग अवरुद्ध हो गया। विद्युत विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बहाली कार्य शुरू किया।

राजधानी देहरादून में भी तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। राजपुर रोड स्थित पैसिफिक मॉल के पास एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे यातायात कुछ समय के लिए बाधित हो गया और क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

सौभाग्य से कोई वाहन या राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया। इसके अलावा परेड ग्राउंड के पीछे तिब्बती मार्केट के पास भी एक पेड़ सड़क पर गिरने की घटना सामने आई, जिससे स्थानीय यातायात प्रभावित हुआ।

नगर निगम, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पेड़ों को हटाने और यातायात बहाल करने की कार्रवाई शुरू की।

मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार देहरादून, उत्तरकाशी समेत कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

इसके साथ ही गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटों तक मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है।

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है।

उन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में अधिक समय तक न रुकने की सलाह दी है। साथ ही सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तराखंड में मौसम के इस बदले स्वरूप ने एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, तो दूसरी ओर आंधी-तूफान और तेज हवाओं ने कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाकर प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। फिलहाल राहत और सतर्कता दोनों के बीच प्रदेशवासी मौसम के अगले रुख पर नजर बनाए हुए हैं।