उत्तराखंड में अपराध पर वार, कई मामलों में गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई
देहरादून। उत्तराखंड में बुधवार का दिन अपराध, सड़क हादसों, पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक सख्ती की घटनाओं से भरा रहा।
राज्य के अलग-अलग जिलों में साइबर ठगी, गैंगरेप, छेड़छाड़, देह व्यापार, अवैध वीआईपी कल्चर, वन्यजीव शिकार और सड़क हादसों से जुड़े मामलों ने कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए।
वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कई मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी, छापेमारी, निलंबन और रेस्क्यू अभियान चलाए।
मसूरी में पर्यटन सीजन के बीच पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ी कार्रवाई की गई। लाइब्रेरी चौक पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने लाल-नीली फ्लैशलाइट, हूटर और काली फिल्म लगी एक लग्जरी कार को सीज कर दिया।
चालक खुद को केंद्रीय मंत्रालय का अधिकारी बताकर पुलिस पर रौब झाड़ने की कोशिश करता रहा, लेकिन वैध दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस न दिखा पाने पर पुलिस ने मौके पर ही वाहन जब्त कर लिया।
जांच में सामने आया कि चालक ने वीआईपी ट्रीटमेंट और टोल टैक्स से बचने के लिए वाहन पर अवैध फ्लैशलाइट और हूटर लगाए थे। मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने साफ कहा कि फर्जी वीआईपी कल्चर और यातायात नियमों के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजधानी देहरादून में एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले आरोपी को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया। आरोपी ने एक व्यक्ति को ऑनलाइन कमाई और यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कराने के बहाने टेलीग्राम ग्रुप से जोड़कर 27 लाख 38 हजार 500 रुपये की ठगी की थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी वर्क फ्रॉम होम ग्रुप बनाकर लोगों को निवेश के नाम पर जाल में फंसाता था। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने लोगों से अपील की कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति को बैंक खाते, OTP, UPI PIN या निजी जानकारी साझा न करें और साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
रुद्रप्रयाग में पुलिस की सघन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति के पास से दो धारदार हथियार और दो एयर गन बरामद की गईं। पूछताछ में पता चला कि वह रायबरेली का रहने वाला है और मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है।
मामले में पुलिस ने उसे बिना आईडी के ठहराने वाले टेंट संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है। चारधाम यात्रा के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की बात कही है।
चंपावत में नाबालिग छात्रा से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने प्रदेशभर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर दी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर कानून व्यवस्था विफल होने का आरोप लगाया।
पीड़िता के पिता ने भाजपा मंडल उपाध्यक्ष, पूर्व प्रधान और एक छात्र समेत तीन युवकों पर हथियारों के बल पर गैंगरेप करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है।
हरिद्वार में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से संरक्षित प्रजाति के बिज्जू का शव, धारदार हथियार और खून से सने कपड़े बरामद हुए।
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि वन्यजीवों के शिकार के मामलों में विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में नाबालिग लड़की से जुड़े मामले में लापरवाही बरतने पर महिला हेल्प डेस्क की दो महिला कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया।
आरोप है कि पीड़िता की मां कई दिनों तक पुलिस के चक्कर लगाती रही, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई। एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि महिला अपराधों में किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मामले की जांच सात दिन के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के परिवार ने राज्य सरकार से एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। मार्च में मसूरी रोड पर दो पक्षों की फायरिंग के दौरान गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी।
परिवार का आरोप है कि घटना को एक महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद न तो सरकार ने मदद की और न ही पुलिस आरोपपत्र दाखिल कर पाई। ब्रिगेडियर की पत्नी रेनू जोशी ने सरकार पर कानून व्यवस्था विफल होने का आरोप लगाया है।
देहरादून के धारा चौकी क्षेत्र में पुलिस पर युवक से मारपीट और टॉर्चर का आरोप लगा है। युवक का कहना है कि स्कूटी चेकिंग के दौरान पुलिस उसे चौकी ले गई, जहां उसके साथ मारपीट की गई और रातभर लॉकअप में रखा गया।
हालांकि नगर कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि युवक पुलिस के साथ अभद्रता कर रहा था और उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र में बुधवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हुआ। एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे मकान की छत पर जा गिरी, जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान बागेश्वर निवासी भुवन प्रसाद के रूप में हुई है। हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में एक दूध विक्रेता पर नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप लगा। स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले कई दिनों से छात्रा को परेशान कर रहा था।
रुद्रप्रयाग जिले में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने समय रहते एक नाबालिग लड़की का विवाह रुकवा दिया। चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और बारात को बैरंग वापस लौटना पड़ा। दोनों पक्षों ने लिखित रूप से आश्वासन दिया कि बालिका के 18 वर्ष पूरे होने के बाद ही विवाह किया जाएगा।
मसूरी-देहरादून मार्ग पर एक और दर्दनाक हादसा हुआ, जहां राशन और कोल्ड ड्रिंक से भरा ट्रक गहरी खाई में गिर गया। हादसे में चालक की मौत हो गई जबकि हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रारंभिक जांच में चालक को नींद का झोंका आने की आशंका जताई गई है।
रुद्रपुर में स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे देह व्यापार के बड़े नेटवर्क का भी खुलासा हुआ। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मिजोरम की युवतियों को रेस्क्यू किया गया।
पुलिस ने स्पा संचालकों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि दो नाबालिग लड़कियां भी रेस्क्यू की गई हैं और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
हरिद्वार में पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन पर स्वास्थ्य विभाग ने चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए। एक मामले में सील की गई मशीन गायब मिली जबकि कलियर क्षेत्र में एक डॉक्टर की डिग्री फर्जी पाई गई। सीएमओ डॉ. आरके सिंह ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
देहरादून के कांवली रोड पर हुए हिट एंड रन हादसे में 50 वर्षीय मजदूर की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। तेज रफ्तार डंपर चालक मौके से फरार हो गया।
लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने राज्य में कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
हालांकि पुलिस और प्रशासन कई मामलों में त्वरित कार्रवाई का दावा कर रहे हैं, लेकिन बढ़ते अपराध और हादसों ने आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है।

